Madhya Pradesh News जवा एवं त्योंथर तहसील सहित पूरे जिले मे गांव गांव तक प्राइवेट स्कूलों की भरमार सी बी एस ई पैटर्न के नामपर लूट रहें हैं अभिवावक
जवा एवं त्योंथर तहसील अंतर्गत कई स्कूलों की सी बी एस ई पैटर्न की नहीं है मान्यता शिक्षा विभाग रीवा द्वारा मापदंड विहीन स्कूलों को दिया जा रहा मान्यता

✍️रिपोर्टर प्रदीप कुमार मिश्र त्योंथर रीवा मध्यप्रदेश
रीवा त्योंथर – पूरे रीवा जिले मे शिक्षा विभाग रीवा के द्वारा बिना जाँच पड़ताल के गांव से लेकर शहर तक पंजीरी की तरह स्कूलों को मान्यता दी गयीं जा रहीं है जिसे ज्यादातर सी बी एस ई पैटर्न स्कूल की धूम मची हुईं है जो मान्यता की मापदंड को भी पूरा नहीं कर रहें हैं लेकिन शिक्षा विभाग के रहमो करम पर मान्यताये दी जा रहीं है कारण सभी जानते है की किस तरह से मान्यता मिलती है मिली जानकारी के अनुसार मान्यता मिली ज्यादातर स्कूलों के पास बच्चे के बैठने तक की ब्यवस्था नहीं है 3से 4कमरों मे स्कूल संचालित है स्कूल मे खेल के मैदान सहित अन्य गाइडलाइन का कहीं अता पता नहीं है स्कूलों मे लगी वैन व बसों मे बच्चों को भूसे की तरह भरा जाता है जिसमे न ही शासन द्वारा ध्यान दिया जाता और न ही स्कूल प्रबंधन के द्वारा जिस वजह से अभिवावक मोटी रकम चुकाने के बावजूद भी बच्चों को सुरक्षित महसूस नहीं करते जो जाँच का विषय है तथा जवा एवं त्योंथर ब्लॉक मे तहसील मुख्यालय से लेकर गांव गांव मे स्कूलों को मान्यता दी गयीं है जहाँ पर देखा गया की स्कूलों मे बाथरूम नहीं है न तो योग्य शिक्षक फिर भी शहरों की तरह सी बी एस ई पैटर्न के नामपर मोटी रकम वसूली जा रहीं है और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तथा संयुक्त संचालक के द्वारा ऐसे विद्यालयों को मान्यता दिया गया है
कुछ ऐसे भी विद्यालय है की जिनकी मान्यता 5वी कक्षा तक है तो वो 8वी तक चला रहें है जिन स्कूलों की मान्यता 8वी कक्षा तक है वो 10वी तक की स्कूल चला रहें है जिनकी मान्यता 10वी तक है वो 12वी कक्षा तक चला रहें है जो सब जिला शिक्षा अधिकारी के सह पर चल रहा है जानकारी के मुताबिक सभी अभिवावको इस बात की समस्या बनी रहती है की सभी प्राइवेट स्कूलों वाले हर वर्ष किताबों को बदल देते है और उन स्कूलों की अलग अलग बुक सेलरों से सेटिंग हों जाती है जहाँ से आपको पूरी किताब खरीदना पड़ेगा जिसकी कीमत लगभग 5से 7हजार के बीच होती है लेकिन शासन के द्वारा इन प्राइवेट स्कूलों के लूट पर कोई लगाम नहीं कसी जा रहीं है और अभिवावको को भारी रकम फीस के साथ किताबों के नामपर लूटना पड़ रहा है वहीं मध्यप्रदेश शासन की गाइडलाइन है की बिना डी एड और बी एड के कोई भी टीचर शिक्षण कार्य नहीं कर सकता है लेकिन जवा त्योंथर ब्लॉक सहित अन्य स्कूलों मे 12वी बीए बीएससी पास ही सभी विद्यालयों मे टीचर रखें गए है जो शिक्षा नीति के विरुद्ध है बताया ये भी जाता है की मान्यता के लिए टीचरों की सूची जिला प्रशासन कोई दी जाती है लेकिन उसमें से दो चार भी टीचर शिक्षण कार्य नहीं करते है जो जाँच का विषय है जिसके लिए कई अभिवावको एवं समाजसेवियों ने जिला कलेक्टर रीवा से सही जाँच कर कार्यवाही की मांग की गयीं है कई समाजसेवियों ने बताया है की अकेले त्योंथर एवं जवा तहसील मे भारी संख्या मे स्कूल है जिनके पास गाइडलाइन के तहत बच्चों को सुविधा नहीं है फिर विभाग के सह पर धड़ल्ले से स्कूल चल रहीं है जो फीस लि जा रहीं है वो सी बी एस ई पैटर्न के नामपर ली जा रहीं है लेकिन शिक्षक सभी हिन्दी मीडियम के होते है और स्कूल इंग्लिश मीडियम के नामपर मे बिक रहीं है



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