पुण्य कार्य: टीकमगढ़ के नए बस स्टैंड पर मानवीय संवेदना समिति ने शुरू की जल सेवा, जनसहयोग बना संबल
मानवता की मिसाल: 18 वर्षों से नि:स्वार्थ बुझा रहे राहगीरों की प्यास


पुण्य कार्य: टीकमगढ़ के नए बस स्टैंड पर मानवीय संवेदना समिति ने शुरू की जल सेवा, जनसहयोग बना संबल
टीकमगढ़।।शहर में बढ़ते पारे और भीषण गर्मी के बीच मानवीय संवेदनाओं की शीतल धार बहने लगी है। ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए मानवीय संवेदना समिति द्वारा इस वर्ष भी स्थानीय नए बस स्टैंड पर नि:शुल्क जल सेवा का शुभारंभ किया गया। सेवा का यह कारवां रुकने का नाम नहीं ले रहा है और इस वर्ष यह आयोजन अपने गौरवशाली 18वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। अंकित वाधवा ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी समिति की इस पहल में शहर का जनसहयोग भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा है। अभियान के प्रथम दिन सेवा की शुरुआत के लिए अंकित वाधवा (शेर सिंह बस सर्विस) द्वारा जल का टैंकर उपलब्ध कराया गया। उनके इस सहयोग से बस स्टैंड पर आने वाले सैकड़ों यात्रियों को तपती दोपहर में बड़ी राहत मिली। 18 सालों से अटूट है सेवा का संकल्प गौरतलब है कि मानवीय संवेदना समिति बीते करीब दो दशकों से ग्रीष्मकाल में प्यासे कंठों को तृप्त करने का कार्य कर रही है। समिति के सदस्यों का कहना है कि राहगीरों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है। बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर जहां ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में लोग आते हैं, वहां यह नि:शुल्क सेवा किसी वरदान से कम नहीं है।


Subscribe to my channel