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Madhya Pradesh News फसल विविधिकरण अपनाना साबित हुआ फायदेमंद, कृषि यांत्रिकरण नें विनय के खोले समृद्धि के द्वार

✍️रिपोर्टर प्रदीप कुमार मिश्र त्योंथर रीवा मध्यप्रदेश

खेती अपनाने में कुछ नया करके खुद तो लखपति बन हि सकते हैं और दूसरों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं यह कर दिखाया जवा रीवा के ग्राम बरौली ठाकुरान के विनय कुमार ने जिले के सीमांत क्षेत्र के रहने वाले बीपी ने 11 एकड़ खेती की जमीन के मालिक होते हुए भी कभी नहीं सोचा था कि वह खेती में समृद्धि साली बनकर आलीशान जीवन व्यतीत करेंगे कभी परंपरागत खेती में विश्वास करनेवाले विनय कुमार अधिक आय प्राप्त नहीं कर पाते थे जैसे-तैसे उनके परिवार का काम चल जाता था

वह अपने खेतों में 100 क्विंटल धान का उत्पादन लेते थे लेकिन अथक परिश्रम करने के बाद भी कभी इसके अधिक उत्पादन नहीं हुआ विनय कुमार पढ़े-लिखे युवा अध्यक्ष खेती में कुछ नया करने की लालसा थी इसी कारण में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से मिले कृषि वैज्ञानिक ने खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की सलाह दी विपिन कुमार ने बोनी के पूर्व अपने खेतों की लेजर लेवलर से समतल किया तथा एमबी फसल के माध्यम से बोनी की इससे आशातीत सफलता मिली कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से बोनी करने का परिणाम यह रहा कि दुगनी फसल पैदा हुई जहां पहले 100 क्विंटल धान उत्पादन होता था वहां इस बार लगभग 225 क्विंटल धान 73 कुंटल गेहूं 20 क्विंटल सोना 50 क्विंटल मसूर का उत्पादन हुआ फसल को समिति में बेचने पर लगभग ₹1000000 की आय हुई विपिन ने कहा कि खेती में कृषि यंत्रीकरण ने मेरे समृद्धि के द्वार खोल दिए उन्नत खेती करना फसल विविधीकरण अपनाना बहुत फायदेमंद है

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