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दुर्लभ वन्य-जीव की तस्करी के दस वर्ष पुराने प्रकरण में आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

दुर्लभ वन्य-जीव सैंडबोआ की तस्करी से जुड़े 10 वर्ष पुराने प्रकरण में माननीय तेईसवें अपर सत्र न्यायालय, भोपाल ने आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश और एसटीएफ पुलिस ने 7 जनवरी 2016 को संयुक्त कार्रवाई में मीनाल एन्क्लेव, गुलमोहर क्षेत्र के पास एक वाहन से सैंडबोआ बरामद कर आरोपी अमन उर्फ हनी, लोकेश उर्फ मलिक, विजय उर्फ विज्जू, प्रतीक सिंह बोहरा और ब्रजेश पटेल को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया था। वर्ष 2022 में इसी प्रकरण के अन्य आरोपी अमन सक्सेना, लोकेश मेहरा, विजय वर्मा और अमित चौहान को भी तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा लंबे समय से फरार था, उसे एसटीएफ पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण की सुनवाई के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त सैंडबोआ के वीडियो तथा फॉरेंसिक प्रयोगशाला की वैज्ञानिक जांच को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एसटीएफ पुलिस के साथ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी भी इस प्रकरण में महत्वपूर्ण रही।

 

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