IC News and Media House Private Limited


Bhopalस्वास्थ्य

ब्रेन-डेड अंगदाता ने दिया तीन मरीजों को जीवन,अंगदान का संकल्प दे सकता है कई लोगों को नया जीवन

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

मानवता, करुणा और संवेदनशीलता की एक मिसाल पेश करते हुए बैतूल निवासी – 24 वर्षीय, सुनील बोसमाकर के परिजनों ने उनके दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना के बाद अंगदान का महान निर्णय लिया। सुनील स्वयं जीवन की जंग नहीं जीत सके, लेकिन उनके परिजनों ने उनके अंगों के माध्यम से अन्य जरूरतमंद मरीजों को जीवन का अनमोल उपहार देने का साहसिक निर्णय लिया। सड़क दुर्घटना के बाद सुनील को एम्स भोपाल लाया गया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें ब्रेन-डेड घोषित किया गया। इस अत्यंत दुःखद और भावुक क्षण में उनके परिवार ने असाधारण साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अंगदान की सहमति प्रदान की। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं समन्वय के बाद सुनील का लिवर तथा दोनों किडनी सफलतापूर्वक निकाली गईं। इनमें से लिवर और एक किडनी का प्रत्यारोपण एम्स भोपाल में किया गया, जबकि दूसरी किडनी प्रत्यारोपण हेतु बंसल अस्पताल, भोपाल को आवंटित की गई। दूसरी किडनी को निर्धारित समय सीमा में सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्स भोपाल से बंसल अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस, यातायात विभाग, चिकित्सा दल एवं दोनों अस्पतालों के समन्वित प्रयासों से अंग को सुरक्षित एवं शीघ्रता से गंतव्य तक पहुंचाया गया। यह एम्स भोपाल में ब्रेन-डेड डोनर से किया गया चौथा अंगदान है। यह उपलब्धि संस्थान की मृतक अंगदाता से अंग प्रत्यारोपण की दिशा में बढ़ती प्रतिबद्धता और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति को दर्शाती है।यह अंगदान केवल एक चिकित्सकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रेम, साहस और मानवता की एक भावपूर्ण कहानी है। जिस समय सुनील का परिवार अपार दुःख से गुजर रहा था, उस समय उनके अंगदान के निर्णय ने कई परिवारों में नई आशा और जीवन की नई किरण जगाई। एम्स भोपाल ने सुनील के परिजनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और उनके इस निःस्वार्थ एवं साहसपूर्ण निर्णय को मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया। उनके इस महान कार्य ने एक अपार व्यक्तिगत त्रासदी को जीवन की विरासत में बदल दिया है।सुनील आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए अंगों के माध्यम से उनका जीवन और उनकी विरासत कई अन्य जिंदगियों में हमेशा जीवित रहेगी। एम्स भोपाल समाज के सभी लोगों से अपील करता है कि वे आगे आएं और अंगदान का संकल्प लें। एक छोटा-सा निर्णय कई जिंदगियों को बचा सकता है और किसी परिवार के दुःख को आशा में बदल सकता है।

 

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button