
रिपोर्टर अंसारी रफीक नूरी अहमदाबाद गुजरात
वर्ष 2017 में वडोदरा SOG को जानकारी मिली कि वडोदरा शहर में डुप्लीकेट करेंसी नोट और फर्जी दस्तावेज बनाने का घोटाला चल रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए SOG के प्रभारी पीआई एचएम. व्यास ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर लाल करेंसी नोट और फर्जी दस्तावेज बनाने का पूरा रैकेट पकड़ा। जिसमें मुख्य आरोपी शाहनवाज उर्फ शानू पठान के पास से 100, 50, 20, 10 के भारतीय करेंसी नोट मिले, जिस पर वह रंग छपाई के साथ बाजार में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, चुनाव कार्ड जैसे अहम दस्तावेज के साथ घूम रहा था.लिविंग सर्टिफिकेट आदि बनाता था। वड़ोदरा SOG की एक टीम ने चौराहे से करेंसी नोट और फर्जी दस्तावेज बनाने के समान के साथ वाघोडिया चौकड़ी के पास से आरोपी को दबोचा। और जब पुलिस ने इस मामले में और पड़ताल की तो पुलिस को चौंकाने वाला खुलासा हुआ.वडोदरा SOG प्रभारी पीआई एचएम व्यास ने आरोपी के खिलाफ जांच की और सभी साक्ष्य एफएसएल एकत्र किए। आरोप पत्र प्रतिवेदन सहित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक बी.एस. पुरोहित ने वडोदरा कोर्ट में जोरदार दलीलें पेश कीं। साथ ही पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए वड़ोदरा Sessions Court ने आज 2 फरवरी को फैसला सुनाया और आरोपी शाहनवाज उर्फ शानू को दस साल की कैद और 5 हजार के जुर्माने और रियाज अली सैयद को सजा सुनाई. , योगेश संधान और दिनकर शिंदे को पांच साल की कैद और 5 हजार का जुर्माना।। जब एक अभियुक्त मुहम्मद इकबाल आदमजीवाला की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई, तो अदालत ने उसके पूरे मामले को समाप्त करने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद पीआई एचएम व्यास के अच्छे काम की तारीफ हो रही है।


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