जमीन के नीचे गूंजती अवैध खनन की आवाजें, दहशत में ग्रामीणों का उबाल

👉अवैध कोयला उत्खनन से सहमे लोग, जीएम कार्यालय पर महिलाओं का धरना
👉भू-धंसान के डर से उग्र हुए ग्रामीण, सुरक्षित पुनर्वास की मांग तेज
👉“नीचे से आती है कटाई की आवाज” — वेस्ट मोदीडीह में बढ़ता खतरा
कतरास: वेस्ट मोदीडीह हरिजन टोला में अवैध कोयला उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कतरास क्षेत्रीय कार्यालय, तेतुलमारी पहुंचकर महाप्रबंधक सुधाकर प्रसाद का घेराव किया और धरना पर बैठ गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में जमीन के अंदर लगातार अवैध कोयला कटाई हो रही है, जिसकी आवाजें साफ सुनाई देती हैं। इससे लोगों में भय का माहौल है और कभी भी भू-धंसान जैसी बड़ी घटना होने की आशंका बनी हुई है।
महिलाओं ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार आंदोलन और थाना के समक्ष प्रदर्शन कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रबंधन, पुलिस और सीआईएसएफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध खनन का कारोबार बेखौफ जारी है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों ने महाप्रबंधक को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भी सौंपा। इस पर जीएम ने संबंधित परियोजना पदाधिकारी को समस्या से अवगत कराने का आश्वासन दिया।
महिलाओं ने यह भी कहा कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो गोविंदपुर क्षेत्र के टंडाबाड़ी जैसी घटना यहां भी दोहराई जा सकती है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान तेतुलमारी पुलिस और सीआईएसएफ के जवान मौके पर तैनात रहे। आंदोलन में मधु कुमारी, सुनीता देवी, मीना देवी, कुलेश्वरी देवी, कुसमी देवी, देवंती देवी, जगिया देवी, ललिता देवी, कुंती देवी, गुलाबी देवी, सोनी कुमारी, विद्या कुमारी, कलावती कुमारी और दीपीका कुमारी समेत कई ग्रामीण महिलाएं शामिल थीं।

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