
रिपोर्टर मोतीलाल भास्कर मुंगेलि छत्तीसगढ़
मुंगेलि पथरिया :- हम बात कर रहे है मुंगेलि जिले के पथरिया जनपद पंचायत के छेत्र अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत सल्फा का जहाँ विकाश का तो पता नही लेकिन सरपंच सचिव का जेब जरूर भरा है l ग्राम पंचायत सल्फा में मानो 15 से 20 साल पहले जो भी कार्य कराया गया है ओ जैसा का वैसा ही है कुछ दिन पहले भी हम ने खबर प्रकाशित की थी कि सल्फा ग्राम पंचायत का आश्रित ग्राम पंचायत भखरी ढिह में बच्चों को स्कूल जाते समय गंदे पानी जिस पानी मे कीड़े मकोड़े गंदगी के कारण पल रहे है औऱ मासूम बच्चों को उसी गंदे पानी से रोज गुजर कर आना जाना पड़ता हैं जिसकी सूचना सरपंच को बुला कर भी दी गई थी लेकिन आज तक सरपंच को इसकी कोई फिक्र नही जब कि रोज का आना जाना है l ठीक उसी प्रकार हम ने पूरे ग्राम पंचायत में घूम और देखा तो मानो विकास की गंगा सिर्फ सरपंच का जेब ही गर्म कर रहा है l
गांव के रोड से लेकर हर गलियों का पूरी तरह हाल बेहाल हुवा पड़ा है 15 से 20 साल पहले जैसा था आज भी वैसा ही है तालाब की पचरी से लेकर तालाब की गंदगी जिसमे गांव के लोग नहाने के लिए मजबूर है गांव की गलियों का भी वही हाल है गलियों की गंदगी भारी गलियों से होकर गुजरने को मजबूर हैं छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गरवा, नरवा,घुरवा और बॉडी शासन की इस योजना को भी सरपंच जी नजर अंदाज कर के बैठे हुए है ग्राम पंचायत सल्फा का हाल देख कर ऐसा लगता हैं कि शासन आज तक विकास के लिये कोई फंड ना कोई बजट दी है हाट बाजार की ऐसी दशा की बाजार के दिन छोटे बेचो को दो मिनट के लिए अपने परिवार से दूर हो जाये तो दुर्गाटना संभव है इतना भीड़ और बड़ी बड़ी गाड़ियों का आवागमन लेकिन ग्राम पंचायत सल्फा के सरपंच को इन सभी चीजों से कोई फर्क नही पडता l और तो और पूरे ग्राम पंचायत में खुले आम रेत (बालू) की आवेद तस्करी में कोई कमी रेत खुले आम बिना रायल्टी पर्ची के पूरा नदी का बालू ही साफ हो जा रहा है और नदी के आस पास पूरा आवेद इट भठा संचालित है जिनके पास कोई खनिज विभाग का परमिसन हैं ना कोई लाइसेंस पूरा बस्टा चार में लिप्त हैं इस और ना किसी आला अधिकारियों की नजर जाती हैं और ना ही गांव के सरपंच की l

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