
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा 26 और 27 जनवरी को लगाए गए विशेष शिविर में बिना हाथ के 113 लोगों को इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हैंड्स लगाये गए। सिविल अस्पताल हथाईखेड़ा में आयोजित इस शिविर में बिना हाथ के जन्मे या दुर्घटना में हाथ गंवाने वाले लोगों को ये सेवा निशुल्क दी गई। शिविर इनाली फाउंडेशन के सहयोग से लगाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ये महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई है। सुई से लेकर 7 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम।इस कृत्रिम हाथ के माध्यम से दैनिक कार्य जैसे वस्तुओं को पकड़ना, खाना, लिखना, डिजाइन जैसे कार्य आसानी से किए जा सकते हैं । इस कृत्रिम हाथ से बारीक चीजों के अलावा 7 किलो तक का वजन आसानी से उठाया जा सकता है। कोई चला सकेगा बाइक , तो कोई फिर पकड़ सकेगा पेन शिविर में आए सिरोंज निवासी नरेंद्र (परिवर्तित नाम) ने बताया कि दुर्घटना में हाथों को गंवाने के बाद वे बाइक नहीं चला पा रहे थे । कहीं आने जाने के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस हाथ से अब वह फिर अपनी गाड़ी को चला सकेंगे । साक्षी(परिवर्तित नाम) ने बताया कि वह अब कई सालों बाद फिर से पेन पकड़ सकेगी और लिख भी सकेगी। लाइट वेट और ईजी टू यूज़ है प्रोस्थेटिक्स हैंड्स ये हाथ फाइबर और रबर से बने होने के कारण वजन में हल्के और उपयोग में आसान है। उंगलियों को खोलने और बंद करने के लिए इसमें बटन दिए गए हैं। इन्हें निकालना और पहनना भी बेहद आसान है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि गैंग्रीन, कैंसर, रोड अथवा ट्रेन एक्सीडेंट, इलेक्ट्रिक शॉक, मशीन क्रश से एक या दोनों हाथ गंवाने वाले ऐसे लोग जिनके कोहनी से निचला हिस्सा नहीं है , उन्हें सरकार द्वारा ये सेवा निशुल्क दी गई है।




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