हम भारत की संस्कृति को अपनाए पाश्चात संस्कृति को नहीं, मातृ पितृ पूजन दिवस झूलेलाल मंदिर में सम्पन्न

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
संत नगर – योग वेदांत सेवा समिति व पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वाधान में मातृ पितृ पूजन दिवस कार्यक्रम झूलेलाल मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम मां सरस्वती व पूज्य संत आशाराम बापू के छायाचित्र पर अतिथियों ने मालार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर आरती की गयी व योग वेदांत समिति की दुर्गा तेजवानी ने बताया कि मातृ देवा भव पितृ देवो भव। जिस प्रकार से भगवान गणेश ने अपने माता पिता की पूजा आरती परिक्रमा करके प्रथम पूजनीय का वरदान पाया था आज हम भी अपने माता पिता की पूजा करके हृदय में बस जाएगे। समिति की प्रीति आहूजा ने बताया कि मातृ पितृ पूजन दिवस पूज्य व हमारे गुरु संत आशाराम द्वारा पाश्चात संस्कृति को रोकने के लिए हर 14 फरवरी को वेलेनटाइन डे की जगह ‘मातृ पितृ पूजन दिवस’ के रुप में मनाने का आव्हान किया क्योंकि हम भारत के निवासी है हम भारत की संस्कृति को अपनाए। पाश्चात संस्कृति को न अपनाए। माता पिता का पूजन कर आशीष पाए। हम विश्व के लाल है आदर्श उन्ही को बनाए। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष माधु चांदवानी ने कहा कि परम संत आशाराम जी द्वारा पाश्चात संस्कृति को रोकने के अलावा धर्मांतरण को भी रोकने के लिए प्रयास किए उन्होने आदिवासी क्षेत्रो में अभियान चलाया और पुनः हिन्दू धर्म में लोगो की वापसी करवाई। हमे ऐसे महान संत के सदैव ऋणी रहेगे। हमें वेलेनेटाइन डे की जगह ‘मातृ पितृ पूजन दिवस’ कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए जिससे कि हमारी युवा वर्ग को भटकने से रोके। इस अवसर पर बच्चों द्वारा विधि विधान से अपने माता पिता की पूजा कर माहौल भावुक बना दिया व देश भक्ति का कार्यक्रम पेश किया गया। इस अवसर पर अतिथि के रुप में उपस्थित पंचायत अध्यक्ष माधु चांदवानी, नंद दादलानी, जगदीश आसवानी, भरत आसवानी, गुलाब जेठानी, माधव पारदासानी, हरीश मेहरचंदानी, राकेश शेवानी, किशोर साधवानी, कन्हैया नागदेव, शमी गंगवानी, पं धरमू शर्मा का समिति की ओर से हरीश लालवानी ने स्वागत किया व भजन संगीत का कार्यक्रम रवि सतानी एवं उनके साथियों द्वारा किया गया।




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