लोकल स्वर्णकारों के अस्तित्व की लड़ाई: गोल्ड कंट्रोल एक्ट की बहाली की मांग को लेकर धनबाद में दो दिवसीय निर्जला अनशन

👉ब्रांडेड कंपनियों के खिलाफ स्वर्णकार संघ का बिगुल, 29–30 जनवरी को धनबाद में निर्जला अनशन
👉सोना-चांदी के छोटे व्यापारियों पर संकट, गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू करने की उठी मांग
👉लोकल कारीगरी बचाने सड़क पर उतरे स्वर्णकार, रणधीर वर्मा चौक पर होगा अनशन
👉स्वर्णकार संघ का केंद्र सरकार से आग्रह: शेयर बाजार से सोना-चांदी को किया जाए बाहर
धनबाद/झारखंड।
देश के पारंपरिक स्वर्णकारों और स्थानीय कारीगरों के समक्ष उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट के विरोध में स्वर्णकार संघ ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है। संघ द्वारा लोकल व्यापार एवं कारीगरी को बचाने की मांग को लेकर दिनांक 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) एवं 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को रणधीर वर्मा चौक, धनबाद में सुबह 8:00 बजे से दो दिवसीय निर्जला उपवास अनशन किया जाएगा।
स्वर्णकार संघ का कहना है कि वर्ष 2013 के बाद गोल्ड कंट्रोल एक्ट को पूरी तरह समाप्त किए जाने तथा सोना-चांदी को शेयर बाजार से जोड़ने के कारण बड़े-बड़े ब्रांडेड कारोबारी घरानों और पूंजीपतियों को तो लाभ मिला, लेकिन स्थानीय स्वर्ण व्यवसायी और कारीगर लगभग बेरोजगार हो गए हैं। स्थिति यह है कि लोकल कारीगरी अब समाप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है।
संघ ने चिंता जताते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में कई स्वर्ण व्यवसायियों एवं कारीगरों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इन हालातों से आहत होकर स्वर्णकार संघ ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु शांतिपूर्ण अनशन का निर्णय लिया है।
👉संघ की प्रमुख मांगों में शामिल है कि—
गोल्ड कंट्रोल एक्ट एवं एक्साइज ड्यूटी को पुनः लागू किया जाए,
सोना एवं चांदी को शेयर बाजार से तत्काल बाहर किया जाए,
हर स्वर्ण व्यापारी एवं कारीगर को अधिकतम 100 ग्राम सोना और 5 किलो चांदी (किसी भी रूप में) रखने की सीमा तय की जाए,
ताकि बड़े पूंजीपतियों के एकाधिकार पर रोक लगे और पारंपरिक कारीगरों को संरक्षण मिल सके।
स्वर्णकार संघ ने देशभर के सभी स्वर्ण व्यवसायियों एवं कारीगर भाइयों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में धनबाद पहुंचकर इस अनशन में शामिल हों और इसे सफल बनाएं, ताकि सरकार तक उनकी आवाज मजबूती से पहुंच सके।
👉इस आंदोलन के निवेदक एवं अनशनकारी के रूप में—
संतोष कुमार स्वर्णकार (मोबाइल: 7870334469)
राजेश कुमार स्वर्णकार (मोबाइल: 9693838607)
ने संयुक्त रूप से कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकल स्वर्णकार समाज के अस्तित्व और भविष्य की रक्षा के लिए किया जा रहा है।


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