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Rajasthan News आखिरकार खत्म हुआ कोटपूतली का 75 वर्ष पूराना इंतजार, वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान कोटपूतली समेत बनाये 19 नये जिले

क्षेत्रीय विधायक व गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव के प्रयास लाये रंग, आजादी के बाद से ही चली आ रही थी जिले की माँग, गहलोत सरकार के अन्तिम बजट में मिली कोटपूतली को सबसे बड़ी सौगात

रिपोर्टर आशीष मित्तल कोटपुतली जयपुर राजस्थान

त्रेतायुग में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र का वनवास 14 वर्ष चला था। द्वापरयुग में पाण्डवों ने 12 वर्ष का वनवास व 01 वर्ष का अज्ञातवास भोगा था। लेकिन कोटपूतली का यह वनवास 75 वर्षो तक चला। कहा जाता है जब अंधेरा घना हो तब सवेरा होने ही वाला होता है। गहलोत सरकार का यह कार्यकाल कोटपूतलीवासियों के भाग्य में पिछले 75 वर्षो से चल रहे वनवास का खात्मा लेकर आया। यह वनवास था कोटपूतली को जिला बनाने की माँग, जो आजादी के बाद पिछले 75 वर्षो से लगातार चली आ रही थी। लेकिन इस बार यहाँ से कांग्रेस टिकिट पर लगातार दुसरी बार चुनाव जीतकर गहलोत सरकार में मंत्री बने राजेन्द्र सिंह यादव के सार्थक प्रयास रंग लाये एवं कोटपूतली को जिला बनाये जाने की मांग अन्तत: पुरी हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में राज्य सरकार के कार्यकाल के 5 वें व अन्तिम बजट पारित होने पर वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान कोटपूतली को जिला घोषित किया। मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा प्रदेश में कोटपूतली समेत 19 नये जिले बनाये गये है। इसके अलावा पाली, सीकर व बांसवाड़ा को नया सम्भाग बनाया गया है।

जगह-जगह आतिशबाजी व मिठाईयां वितरित :- जैसे ही मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में नये जिले की घोषणा की गई। वैसे ही कोटपूतली की सडक़ों पर जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजमार्ग स्थित कांगे्रस कार्यालय पर एकत्रित हो गये। जहाँ गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव के प्रतिनिधि व पीसीसी मेम्बर मधुर यादव को मिठाई खिलाकर जिले का जश्न मनाया। इसके अलावा यहाँ के नगर परिषद भवन पर सभापति प्रतिनिधि दुर्गा प्रसाद सैनी के नेतृत्व में पार्षदों द्वारा जमकर आतिशबाजी करते हुए मिठाईयां बांटी गई। इसी प्रकार कस्बे में आजाद चौक, पूरानी नगर पालिका तिराहा समेत जगह-जगह आतिशबाजी कर मिठाईयों का वितरण भी किया गया। ग्राम पनियाला में सरपंच लक्ष्मण रावत के नेतृत्व में मिठाई बांटकर आतिशबाजी की गई।

19 नये जिले बने :- प्रदेश में पहले कुल 33 जिले थे, अब नये 19 जिलों का गठन किया गया है। इनमें जयपुर व जोधपुर को क्रमश: जयपुर उत्तर व दक्षिण एवं जोधपुर पूर्व व पश्चिम में विभक्त किया गया है। इसके अलावा अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, डीग, नागौर के डीडवाना व कुचामन, दुदु, गंगापुर सिटी, केकड़ी, खैरथल, नीमकाथाना, फलौदी, सलुम्बर, सांचौर व भीलवाड़ा के शाहपुरा को नया जिला बनाया गया है। जयपुर ग्रामीण के कोटपूतली व बहरोड़ को मिलाकर नया जिला बनाया गया है। जिसका मुख्यालय कोटपूतली के पनियाला में होगा। इस प्रकार नये जिला मुख्यालय की कोटपूतली, बहरोड़ व बानसूर कस्बे से लगभग समान दुरी होगी। नया जिला बनने से क्षेत्र का आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक विकास भी तेजी से होगा।

लगातार जारी थे प्रयास :- कोटपूतली को जिला बनवाने के लिए क्षेत्रीय विधायक व गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे थे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपने चुनाव घोषणा पत्र में कोटपूतली को जिला बनवाने का वादा किया था। यही नहीं करीब 6 माह पूर्व कोटपूतली को जिला ना बनाने पर पार्टी व पद से इस्तीफा देने की चेतावनी भी दी थी। अब यादव के सार्थक राजनैतिक प्रयास रंग लेकर आये है। जिससे उनका राजनैतिक कद कोटपूतली में काफी बढ़ गया है। यादव कांग्रेस के कद्दावर नेता व गहलोत सरकार के बेहद ताकतवर मंत्री है। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी भुमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आजादी के बाद से हो रही थी माँग :- उल्लेखनीय है कि कोटपूतली को जिला बनाये जाने की माँग देश की आजादी के बाद राजस्थान के गठन के साथ ही होने लगी थी। सर्वप्रथम यहाँ के प्रथम विधायक बाबू हजारी लाल जोशी ने प्रथम विधानसभा में कोटपूतली को जिला बनाने की माँग की थी। इसके बाद से ही निरन्तर राजनैतिक रूप से माँग की जा रही थी। पिछले 75 वर्षो में अलग-अलग संगठनों के माध्यम से लगातार धरना प्रदर्शन व ज्ञापन का दौर भी जारी रहा। यहाँ से जीतने वाले लगभग हर विधायक ने अपने-अपने स्तर पर कोटपूतली को जिला बनाने के सार्थक प्रयास करें। इनमें विशेष रूप से प्रथम विधायक पं. हजारी लाल जोशी के अलावा विकास पुरूष स्व. मुक्तिलाल मोदी, स्व. रामकरण सिंह गुर्जर, स्व. सुरेश शर्मा, रामचन्द्र रावत, डॉ. आर.एस.गौड़, सुभाष चंद शर्मा व गहलोत सरकार में संसदीय सचिव रहे रामस्वरूप कसाना का योगदान भी अपने-अपने समय पर उल्लेखनीय रहा। जिन्होंने राजस्थान विधानसभा में लगातार इस मांग को जीवंत रखा। गैर राजनैतिक रूप से बात की जाये तो यहाँ के ग्राम बनेठी के मूल निवासी व भाजपा के कद्दावर नेता एड. योगेन्द्र सिंह तंवर द्वारा भी राजस्थान हाईकोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की गई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने नये जिलो के गठन में कोटपूतली को प्राथमिकता देने के निर्देश राज्य सरकार को दिये थे। इसके अलावा सर्वदलीय जिला निर्माण संघर्ष समिति के स्व. वैद्य बालाबक्श शास्त्री ने भी कई बार जिले की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन किये। जिला निर्माण एवं समग्र विकास समिति के संस्थापक शिक्षाविद् हीरालाल भूषण व अध्यक्ष हँसराज पटेल ने भी कई बार जिले की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व ज्ञापन दिये। वहीं भाजपा नेता मुकेश गोयल द्वारा भी कोटपूतली के विभिन्न गाँवों में पोस्ट कार्ड अभियान चलाया गया।

निम्न तहसील होगी शामिल :- नये जिले में कोटपूतली के अलावा जयपुर की पावटा व विराटनगर, अलवर जिले की नारायणपुर, बानसूर, बहरोड़, नीमराणा व मुण्डावर तहसीले शामिल होगी। नये जिले की कुल आबादी 17.79 लाख जबकि क्षेत्रफल 3445 वर्ग किमी होगा। नये जिला मुख्यालय के लिए ग्राम कालुहेड़ा में मिनी सचिवालय व पुलिस लाईन निर्माण हेतु 180 बीघा जमीन का आंवटन हो चुका है।

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