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Rajasthan News भक्तों से मिलकर मंदिर आए खाटूश्याम: तैयार होने में लगे 50 मिनट, भीड़ उमड़ी तो दर्शन के लिए 14 लाइन खोली

रिपोर्टर कपिल देव शर्मा सीकर राजस्थान

खाटूश्याम के लक्खी मेले में आज लाखों भक्त दर्शन करने पहुंचे हैं। एकादशी पर आज बाबा खुद अपने भक्तों से मिलने दरबार से बाहर आए थे। दोपहर 12 बजे सजे-धजे रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले थे। करीब 2 घंटे तक पूरे नगर में घूमें। जिसके बाद वापस मंदिर आए हैं। नगर भ्रमण के लिए श्याम बाबा का खास शृंगार भी खास किया गया था। उन्हें सूखा मेवा, ऑरेंज कार्नेशन फ्लावर, लेमन ग्रास व लाल गुलाब व विशेष इत्र से सजाया गया था। महंत मोहनदास महाराज ने बताया कि बाबा मंदिर चौक से रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले थे। महंत ने बताया कि जो लोग मंदिर में बाबा का दर्शन नहीं कर पाते हैं। उन्हें दर्शन देने बाबा श्याम एकादशी पर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। खाटूश्यामजी के दर्शन कर श्रद्धालु उपवास खोलते हैं। रथ यात्रा श्याम कुंड, रेवाड़ी वालों की धर्मशाला, बस स्टैंड होते हुए कबूतर चौक पहुंची। उसके बाद वापस मंदिर लौटे। द्वादशी को बाबा को खीर चूरमे का भोग लगने के बाद मेला पूरा होगा।

श्रद्धालुओं पर इत्र का छिड़काव

बाबा खाटू श्याम की रथ यात्रा मंदिर के पुराने मुख्य द्वार से शुरू हुई। नीले घोड़े पर सवार बाबा श्याम की आरती की गई थी। इसके बाद यात्रा नगर में भ्रमण पर निकली। करीब 2 घंटे नगर भ्रमण कर वापस मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को रथ से टॉफियां बांटी गई थी। बाबा के शृंगार में लगे 50 मिनट मंदिर कमेटी अध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि मेले में 24 घंटे बाबा श्याम श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। रात 12 बजे से 12.10 बजे तक बाबा को शयन करवाया जाता है। 50 मिनट तक बाबा का शृंगार किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं होते हैं। भीड़ ज्यादा होने पर इस समय में बदलाव किया जा सकता है।

जानिए बाबा खाटूश्यामजी के शृंगार से जुड़ी चीजों का क्या है महत्व

• ऑरेंज कार्नेशन नारंगी रंग वीरता व शौर्य का प्रतीक है। इसकी पैदावार प्रमुख तौर पर महाराष्ट्र, हिमाचल, उत्तराखंड सहित पहाड़ी क्षेत्रों में होती है।

• लेमन ग्रास यह नींबू जैसी खुशबूदार घास होती – हैं। नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के साथ ही इसे तनाव से मुक्ति में दिलाने सहायक माना जाता है।

• लाल गुलाब – प्रेम का प्रतीक होता है। लाल गुलाब से रिश्ते को मजबूती मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। क्लेश दूर होता है।

• सूखा मेवा • काजू-बदाम, किसमिस सहित अन्य ड्राइफ्रूट को शुभ कार्यों में काम लिया जाता है। यह अच्छी सेहत और संपन्नता का प्रतीक है।

आज 10 लाख भक्तों के दर्शन करने की संभावना

एकादशी के मौके पर बाबा खाटू श्याम में लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। भीड़ को देखते हुए मेले में पहली बार 14 की 14 लाइन को खोल दिया गया है। सभी लाइन श्रद्धालुओं से अटी हुई हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के दर्शन करने का समय भी बढ़ गया है। मेले में अभी तक 5 लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन कर लिए हैं। आज ये संख्या 10 लाख होने की संभावना हैं। भीड़ ज्यादा होने पर गुरुवार रात से ही 14 लाइनों को खोल दिया गया था। इससे भक्तों को आराम से बाबा के दर्शन हो सकें।

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