Madhya Pradesh News नक्सल प्रभावित पंचायतों का भ्रमण कर प्रत्येक पात्र को दें योजनाओं का लाभ
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

रिपोर्टर इन्द्रमेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश
मण्डला. कलेक्टर हर्षिका सिंह ने समय-सीमा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाईन सहित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन, समाधान, अमृत सरोवर, कुपोषण, जल-जीवन मिशन, जनसुनवाई पोर्टल की समीक्षा सहित विभागीय समन्वय के मुद्दों पर जरूरी जानकारी ली तथा निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की सभी नक्सल प्रभावित पंचायतों का भ्रमण करें तथा अपने विभाग के माध्यम से संचालित होने वाली योजनाओं के लाभ का परीक्षण करें। यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी योजना की पात्रता रखते हुए लाभ से वंचित है तो उन्हें लाभ देना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्वास्थ्य, महिला बाल विकास विभाग, बिजली, पीएचई सहित कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विभागों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम मीना मसराम, जिला पंचायत सीईओ रानी बाटड, सभी एसडीएम, जिलाधिकारी एवं संबंधित उपस्थित थे।
31 तक सतत रूप से लगाएं स्वास्थ्य कैम्प
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि 31 मार्च तक सतत रूप से नक्सल प्रभावित पंचायतों में स्वास्थ्य शिविर लगाएं। स्वास्थ्य शिविर में गर्भवती महिलाओं की जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का परीक्षण, एनीमिया, आरबीएसके, एनसीडी सहित अन्य जांचों को सुनिश्चित करें। इसी प्रकार महिला बाल विकास विभाग लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कुपोषण का चिन्हांकन आदि का परीक्षण करते हुए लाभ देना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार बिजली विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग एवं कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विभाग क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अपनी-अपनी योजनाओं का लाभ दें।
बैठक में श्रीमती सिंह ने सीएम हेल्पलाईन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से शिकायतवार जानकारी ली। उन्हांेने शिकायतों को अटेंड नहीं करने वाले विभागों पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शिकायतों को अटेंड नहीं करने एवं शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर वेतन काटने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया जारी रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक निराकृत करें, अनावश्यक फोर्सक्लोज न करें। उन्होंने ’डी श्रेणी’ में आने वाले सभी विभागों को शिकायत निराकरण प्रतिशत को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्हांेने खाद्य विभाग, जल संसाधन विभाग, श्रम विभाग, ऊर्जा विभाग सहित सभी विभागों में की गई शिकायतों का निराकरण करते हुए रैंकिंग को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने समधान कार्यक्रम से जुड़े विभागों को भी 100 दिवस से अधिक की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर नियमित रूप से एंट्री करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को अंतिम रूप दें। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्रों में पानी, बिजली, साफ-सफाई, बैठक व्यवस्था सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समुचित रखें। श्रीमती सिंह ने जाति प्रमाण-पत्र अभियान की समीक्षा करते हुए एसडीएमवार जानकारी ली। उन्हांेने कहा कि शेष बचे जाति प्रमाण-पत्रों को बनाते हुए प्रतिदिन रिपोर्ट दें। उन्होंने बैठक में कुपोषण के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि ’मेम श्रेणी’ में आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखते हुए उनके स्वास्थ्य को बेहतर करने की कार्ययोजना बनाएं। इस दौरान कलेक्टर ने एनआरसी में भर्ती होने वाले बच्चों की आंकड़ेवार जानकारी ली।
पेयजल समस्या का निराकरण रखें प्राथमिकता
कलेक्टर ने ईईपीएचई को निर्देशित किया कि आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल की समस्या का निराकरण प्राथमिकता के साथ करें। उन्होंने कंट्रोल रूम के संचालन की जानकारी ली। इसी प्रकार सभी एसडीओ पीएचई से उनके क्षेत्र में पेयजल परिवहन की स्थिति की जानकारी ली। श्रीमती सिंह ने कहा कि सभी सीईओ जनपद अपने क्षेत्र के जल स्त्रोतों एवं हेंडपंप की तकनीकि समस्या की निगरानी करें तथा तत्काल निराकरण करें। उन्होंने जल-जीवन मिशन के तहत पूर्ण हुए कार्यों का निरीक्षण करने वाले जिलाधिकारियों से ग्राउंड रिपोर्ट ली। कलेक्टर ने कहा कि 2021 के सभी काम पूरा करें अन्यथा काम पूरा होने तक सभी एईपीएचई की सैलेरी रोकी जाएगी। उन्होंने आरईएस विभाग को निर्देशित किया कि अमृत सरोवरों का कार्य मार्च माह में अनिवार्यतः पूरा करें। साथ ही मनरेगा के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार दें।
’ज्ञानदान अभियान’ के तहत करें किताबों का दान
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि ’ज्ञानदान अभियान’ के तहत किताबों का दान करें। उन्हांेने कहा कि ज्ञानदान अभियान के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जरूरी पाठ्यसामग्री को कलेक्ट्रेट या एसी कार्यालय में दान कर सकते हैं। उन्होंने नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि वार्डवार वाहनों के माध्यम से अनाउंसमेंट कराएं तथा ज्ञानदान अभियान के तहत पाठ्यसामग्री एकत्र करें। श्रीमती सिंह ने कहा कि शुक्रवार को ओबीसी सहित अन्य छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए ज्ञानदान अभियान के तहत पाठ्यसामग्री एकत्र किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारियों से भी कहा है कि अपने स्तर पर प्रतियोगी परीक्षा सहित उपयोगी किताबें दान करने आगे आएं। 
’लाड़ली बहना’ योजना पर निर्देश
कलेक्टर ने बैठक में ’मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशानुसार योजना का लाभ देने के लिए निर्धारित कार्यों को प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि 5 मार्च से फॉर्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। संबंधित विभाग अपने मैदानी अमले को फॉर्म भरने की जिम्मेदारी दें। बैठक में उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली को बढ़ाएं। इसी प्रकार नजूल शिविरों का आयोजन करें। कलेक्टर ने आगामी मार्च माह में बजट सरेंडर प्रक्रिया के संबंध में संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए।




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