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Maharashtra News डेयरी व्यवसाय से बनाया सुखद जीवन

रिपोर्टर वहाबअली सैय्यद चंद्रपूर महाराष्ट्र

महाराष्ट्र चंद्रपूर जिले की ब्रह्मपुरी तहसील मे सफल जीवन व्यतीत करता या व्यक्ती का जीवन परिचय है.दोनों की शिक्षा 10 वीं तक है घर की स्थिति बेहद मुश्किल नौकरी के कोई अवसर नहीं ऐसे में एक कपल ने बिना डरे हालात से निपटने का फैसला किया चार साल पहले उन्होंने भैंस पालने से डेयरी का बिजनेस शुरू किया. आज उनके पास 14 भैंसें हैं और उनसे हर महीने डेढ़ लाख रुपये की आमदनी हो जाती है.

रत्नाकर पुंडलिक शेंडे और उनकी पत्नी रोहिणी रत्नाकर शेंडे एक बेटे और एक बेटी के साथ एक छोटे से घर में रहते हैं, जो ब्रह्मपुरी शहर (जन्म गांव खंडाला) के पास खेड़ में एकता नगर में रहते हैं.उनके पास एक-दो नहीं बल्कि 14 भैंसें हैं। घर में जगह नहीं होने के कारण भैंसों को किनारे खुले में रखते हैं. भैंस साल भर बारी-बारी से बछड़ों को जन्म देती हैं.इसलिए उनका डेयरी का कारोबार साल भर लगातार चलता है. वे रोजाना 100 से 125 लीटर दूध 40 से 50 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं.बचे हुए दूध से पनीर बनाकर 360 रुपये प्रति किलो और घी 600 रुपये प्रति लीटर बेचा जाता है.इससे उन्हें हर महीने डेढ़ लाख की आमदनी हो जाती है.इसके अलावा गोबर का खात बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी हो जाती है.

वह सबकी माता है शेंडे के पास न केवल एक भैंस है, बल्कि एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता, उसका पिल्ला, बेरेड मुर्गियां, उसके पिल्ले भी है.तोते जैसे 24 बड़े जानवर हैं,और उनमें से बड़ी संख्या में चूजे हैं.रोहिणी उन सभी का ख्याल रखती है। अपने बच्चों के साथ जानवरों की माँ होने के नाते, वह प्यार और स्नेह से उनकी देखभाल करती है।बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणादायी डेयरी व्यवसाय काम के अभाव में कई युवा बेरोजगार हैं. इस डिप्रेशन से कई लोग नाउम्मीद हो चुके हैं। कई लोगों को शादी करना मुश्किल लगता है.शेंडे द्वारा शुरू किए गए डेयरी व्यवसाय से प्रेरित होकर कई युवा डेयरी व्यवसाय की ओर रुख करेंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे.

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