महाराष्ट्रराज्य

Maharashtra News आश्वासन के बाद भी रेल गाड़ियों का स्टापेज नहीं यात्रियों को परेशानी.

रिपोर्टर विजय बलगेवार,चंद्रपूर, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के चंद्रपूर जिले के भद्रावती तहसील मे कोरोना काल से बंद गाड़ियों के बाद जब सरकार ने सभी गाड़ियों का परिचालन पुनररूप से किया। लेकिन भांदक रेलवे स्टेशन पर किसी भी गाड़ी का स्टॉप देना उचित नहीं समझा। जिसके चलते आंदोलन किए गए।
दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने ट्रेन का स्टापेज देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो पाया है। जिससे यात्रियों को आर्थिक, मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर ऐतिहासिक, पर्यटक और औद्योगिक शहर के नाम से जाना जाता है। शहर को पौराणिक चीजों का विशेष महत्व होने से शहर में आने वाले पर्यटकों की संख्या कुछ ज्यादा ही रहती है। औद्योगिक शहर होने के कारण इस शहर में विविध प्रांतों के लोग बसे हुए हैं। जिससे शहर स्थित भांदक रेलवे स्टेशन का महत्व अधिक है। लेकिन यहां के रेल स्थानक पर रेल गाड़ियों का स्टापेज नहीं रहने के कारण यात्रियों को काफी असुविधाओं के साथ दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। स्टेशन पर गाड़ियों का स्टॉपेज मिलने के लिए रेल विभाग को बार-बार सामाजिक संगठनों में ज्ञापन सौपे है। जनप्रतिनिधियों से भी कई बार चर्चा कर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं देने से अभी भांदक रेलवे स्टेशन पर किसी भी गाड़ी का स्टापेज नहीं दिया गया है। कुछ दिन पहले झोपड़पट्टी विकास संगठन के अध्यक्ष ने शहर के डा. आम्बेडकर चौक में भांदक रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों के स्टापेज के लिए आंदोलन किया था। रेलवे विभाग को गाड़ियों के स्टॉपेज के लिए ज्ञापन भी दिया था। आंदोलन के समय रेलवे विभाग के कई अधिकारियों ने उनके आश्वासन स्थल को भेंट भी दी थी। भांदक रेल स्थानक पर रेल गाड़ियों का स्टापेज दे इस मांग को लेकर आटो संगठन ने भी ज्ञापन देकर मांग की थी। 4 दिन के आंदोलन के पश्चात पूर्व मंत्री हंसराज अहीर के ठोस आश्वासन के बाद आंदोलन को खत्म कर दिया गया। स्वयं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अनशन स्थल पहुंचकर जनता के सामने यह आश्वासन दिया था। लेकिन इस बात को 2 महीने बीत जाने पर भी आज तक भांदक रेलवे स्टेशन पर किसी भी गाड़ी का स्टॉपेज शुरू नहीं हुआ है।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button