देशमध्यप्रदेश

छतरपुर मध्य प्रदेश इस कड़ कड़आहट ठंड में 5 गायों की हुई मौत आखिरकार कहां गए गौ सेवा संस्थान के सेवक

✍️रिपोर्टर राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश

गौशाला शासन ने क्यों बनवाई जब आज मवेशी गाये फिर रही दर-दर भटकती नहीं मिल रही कोई भी सुविधा खाना पानी तो दूर है छाया का भी नहीं कोई सहारा आए दिन मवेशियों की जा रही जान अगर यही हालात रहे तो गायों की संख्या बिरली ही रह जाएगी यदि गोधन की रक्षा नहीं की गई तो निश्चित ही गो विनाश कगार की ओर मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के कहर से सैकडो मवेशियों ने जान गमाकर जीवन लीला समाप्त कर ली है यहां तक की पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी द्वारा चलाई गई यह योजना फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में मध्यप्रदेश में जगह-जगह गोवंश के लिए गौशाला बनवाई गई हैं लेकिन किसी भी गौशाला में गोवंश का नाम नहीं है और इस कड़ाके की ठंड में गोवंश अपनी जान गमा रहै है परंतु सूध लेने वाला कोई भी सक्षम अधिकारी सामने नहीं आ रहे हैं जिससे अनुमान लगाया रहा है कि लगता है गोवंश विनाश की कगार पर है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के जब एक गांव में 1 दिन में 5 मवेशियों की जान गई तो छतरपुर जिले में सैकड़ों गौवंश का विनाश हो चुका होगी यहां तक की डॉक्टर द्वारा इलाज करने के बाद भी गोवंश की हानि होती नजर आ रही है

जनपद पंचायत राजनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत चंद्रनगर क्षेत्र में पशु चिकित्सक डॉ रवि गुप्ता द्वारा कई गौवंश का इलाज किया गया जिनमें से भी कई गोवंश की मौत होने की खबर मिली है जनपद पंचायत राजनगर ही नहीं छतरपुर जिले में एसी बहुत सारी जनपद पंचायत दे मिल जाएंगी जहां पर गौशाला बनाने की आड़ में लाखों रुपए की हेराफेरी की गई ऐसा ही हाल बिजावर जनपद पंचायत का है बिजावर विकासखंड में भी दर्जनों गौशाला बनाई गई जैसे ग्राम पंचायत धर्मपुरा में ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत और ऐसे दर्जनों गांव हे जहां पर आनन-फानन में गौशाला बनाई गई लेकिन आज दिनांक तक उसमें एक भी गोवंश को नहीं रखा गया सासंका लाखों-करोड़ों गौशाला के नाम पर बर्बाद किया गया फिर भी शासन-प्रशासन के आलाकमान अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है फिर सवाल उठता है कि शासन प्रशासन द्वारा आखिर गौशाला क्यों बनवाई गई जो आज खाली पड़ी हुई है इसका कौन जिम्मेदार है जो आए दिन गायों की मौत हो रही है

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button