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Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ ने आदिवासी महिला शिक्षिका से दुर्व्यवहार करने वाले प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध कार्यवाही करने मांग की

तुम्हें पढ़ना नहीं आता कहकर, प्रताड़ित किया जाता रहा है

✒️ रिपोर्टर डॉ.रमाशंकर श्रीवास्तव कांकेर छत्तीसगढ़

कांकेर। विगत दिनों स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पटौद के प्रभारी प्राचार्य दुर्जन सिंह निषाद के द्वारा आदिवासी महिला शिक्षिका को जातिगत गाली गोड़ गंवार हो, तुम्हें पढ़ना नहीं आता कहकर, प्रताड़ित किया जाता रहा है। उक्त घटना के संबंध में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति संघ कांकेर आदिवासी शिक्षिका शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटौद के अभ्यावेदन के संबंध में शिक्षा विभाग कांकेर के जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन से अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ कांकेर के जिलाध्यक्ष आर पी नेताम, जिला उपाध्यक्ष अशोक गोटे, सचिव विजय नाग, कोषाध्यक्ष महेश मरकाम, सक्रिय सदस्य डॉ नरेन्द्र राना ने भेंट विद्यालय में हुई घटना के संबंध में चर्चा किया गया और घटना की जांच करवाकर दुर्व्यवहार करने वाले प्रभारी प्राचार्य विरूद्ध कार्यवाही की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया हैं। इस घटना पर जिला शिक्षाधिकारी ने कहा कि मैं सभी बिंदुओं पर आपके आवेदन पत्र के आधार पर जाँच करवाऊंगा और आप सभी को सूचित भी करुंगा। इसके पश्चात कलेक्टर कांकेर के नाम से प्रतिलिपि दी गई है। उक्त घटना के संबंध में आवेदिका आदिवासी महिला शिक्षिका ने छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ कांकेर को आवेदन दी थी। आवेदन के माध्यम से कहा गया शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय पटौद के प्रभारी प्राचार्य दुर्जन निषाद ने आदिवासी महिला शिक्षिका से दुर्व्यवहार कर वर्तमान पदस्थापना शाला से हटाकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरडोंगरी में अटैच करवा दिया हैं। उक्त घटना और आवेदिका के आवेदन के संबंध में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य अनंत नायक को भी कांकेर रेस्ट हाउस के बैठक में संघ के जिला अध्यक्ष आरपी नेताम ने घटना को प्रमुखता से रखकर अवगत कराया एवं उचित कार्यवाही करने की मांग किया था। आयोग के सदस्य ने संज्ञान लेते हुए उचित कार्यवाही करने की बात कहें है। अनुसूचित जनजाति थाना में भी उक्त घटना के संबंध लिखित आवेदन देकर एफआइआर भी दर्ज करवाई गई है, लेकिन वहां से भी किसी प्रकार की जांच और कार्यवाही नहीं किया गया हैं। इससे यही प्रतीत होता हैं, कि दुर्व्यवहार करने वाले प्रभारी प्राचार्य का बचाव करते हुए, एकतरफा निर्दाेष आदिवासी महिला कर्मचारी को प्रताड़ित करने का कार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ कांकेर ने जिला प्रशासन से मांग किया हैं कि प्रभारी प्राचार्य के विरूद्ध कार्यवाही किया जावे।

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