नैनो जिंक और नैनो कॉपर से बढ़ेगी धान की रोग प्रतिरोधक क्षमता
इफको के प्रशिक्षण में किसानों को नैनो उर्वरकों के प्रयोग एवं महत्व की दी गई जानकारी

मनकापुर, गोण्डा। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के तत्वावधान में मंगलवार को विकासखंड मनकापुर के ग्राम सीरगौरा में इफको नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग एवं महत्व विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग, लाभ और फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान) डॉ. राम लखन सिंह ने किसानों को इफको नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इनके प्रयोग से धान की फसल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही पत्तियों एवं जड़ों का विकास बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि नैनो जिंक के प्रयोग से धान में खैरा रोग के प्रकोप को कम करने में सहायता मिलती है तथा अन्य फफूंदजनित रोगों की संभावना भी कम हो सकती है। इसके साथ ही फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना रहती है।
इफको फर्टिलाइजर्स के एसएफए विभाकर तिवारी ने बताया कि इफको नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर का छिड़काव करने के लिए दोनों की एक-एक मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर प्रयोग किया जाता है। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरकों के सही एवं संतुलित प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने औद्यानिक फसलों में नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इनके उचित प्रयोग से फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन में लाभ मिल सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान इफको द्वारा प्रगतिशील किसान महादेव प्रसाद यादव के प्रक्षेत्र पर लगाए गए धान की प्रजाति 5204 के प्रदर्शन प्लॉट में नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर का मौके पर छिड़काव भी कराया गया। किसानों को खेत में प्रयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महादेव प्रसाद यादव, हर्ष यादव, शिवप्रसाद, मेलाराम सहित अन्य किसानों ने प्रतिभाग किया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

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