IC News and Media House Private Limited


Bhopal

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता स्वच्छ पेयजल पर दिया जाए विशेष ध्यान

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि संभाग के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। गर्भावस्था के प्रथम तीन माह के अंदर ही गर्भवती माता का पंजीयन, संपूर्ण गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार एएनसी जाँच, निरंतर देखभाल, पोषण और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। इसके पश्चात बच्चे के जन्म से ही उसका टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए। तथा उसके पोषण का पूरा ध्यान रखा जाएं। इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग पूर्ण समन्वय से कार्य करे। हमें भोपाल संभाग को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में शून्य करना है। संभागायुक्त ने कमिश्नर कार्यलय के सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की गई। गर्भवती माताओं की प्रथम ईएनसी जाँच की समीक्षा में पाया गया कि भोपाल जिले में 77 प्रतिशत, रायसेन में 97 प्रतिशत, राजगढ़ में 94.74 प्रतिशत, सीहोर में 94 प्रतिशत तथा विदिशा में 93.51 प्रतिशत प्रगति है। इस पर संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती माताओं की शत – प्रतिशत ईएनसी जाँच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भोपाल जिले की प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्य शत – प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए। प्रत्येक जिले में हुई प्रत्येक मातृ एवं शिुश मृत्यु की जाँच गहनता से की जाए तथा उन कारणों को ढूढ़ा जाए जिनके कारण ऐसा हुआ और भविष्य में वैसा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।विभिन्न बीमारियों मलेरिया, डेंगू, मीजल्स, डायरिया, चिकनगुनिया, क्षयरोग आदि के प्रकरण तथा उनके उपचार के विषय में जानकारी प्राप्त की गई। संभागायुक्त ने भोपाल जिले में डेंगू के अधिक प्रकरण पाये जाने से स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि इसकी जाँच एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। गैरतगंज रायसेन में डायरिया के अधिक प्रकरण पाए जाने पर इस संबंध में आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए। सीहोर जिले में टीकाकरण का प्रतिशत कम होने से टीकाकरण बढ़ाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी बीमारियों की जाँचें और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर एटी वैनम एवं एटी रैबीज दवाओं की उपलब्धता के भी निर्देश दिए। वर्षाकाल में होने वाली समस्त बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए सभी जिलों में पर्याप्त इंतेजाम एवं कार्य होने चाहिएं। बारिश में अधिकांश बीमारियां गंदा पानी पीने से होती हैं। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से समन्वय कर यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग स्वच्छ जल का ही सेवन करें। जिन इलाकों में बाढ़ आती है वहाँ विशेष सावधानी की आवश्यकता है। बैठक में 70 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की समीक्षा भी की। इस दौरान पाया गया कि संभाग के सभी जिलों में इस कार्य में वांछित प्रगति नहीं आई है। उन्होंने इस कार्य में गंभीरता बरतने और शत – प्रतिशत इस उम्र के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए।

 

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button