Uttar Pradesh News : फतेहपुर में लोकतंत्र शर्मसार, मुख्यमंत्री के आगमन पर गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक अध्यक्ष हेमलता पटेल हाउस अरेस्ट, आवास बना छावनी
जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की थी तैयारी; पुलिस बल ने आवास पर रोका अध्यक्ष से मिलने पहुँचीं ग्रामीण महिलाओं ने जताया विरोध; संवाद से रोकने को बताया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत

ब्यूरो प्रमुख शरद कुमार फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
“फतेहपुर। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फतेहपुर जनपद आगमन के बीच आज सुजानपुर गांव में एक बड़ा राजनैतिक और सामाजिक घटनाक्रम देखने को मिला। क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं और किसानों-छात्रों के मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष बेहद शांतिपूर्ण ढंग से रखने जा रही गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल को स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। इस प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही संगठन से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उनके आवास पर एकत्र हो गए और संवाद के इस अधिकार को रोके जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। संवाद को रोकने की कोशिश, महिलाओं में असमंजस और रोष शनिवार को जब हेमलता पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले मांग-पत्र को अंतिम रूप दे रही थीं, तभी ललौली थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राव में साथ दरोगा एरिस पटेल, नितिन सहित पुलिस बल ने सुजानपुर गांव पहुंचकर उन्हें आवास से बाहर न निकलने की हिदायत दी। इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई। संगठन की महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि वे किसी भी तरह का व्यवधान डालने नहीं, बल्कि जनहित की समस्याओं को लेकर अपने प्रांतीय मुखिया का स्वागत करने और उन्हें ज्ञापन सौंपने जा रही थीं। ऐसे में पुलिसिया घेराबंदी समझ से परे और अनुचित है।
हेमलता पटेल का संतुलित एवं अत्यंत प्रभावशाली बयान आवास पर नजरबंद किए जाने के बाद हेमलता पटेल ने बेहद संयमित, शालीन और गरिमापूर्ण ढंग से मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने लोकतंत्र की मूल भावना को रेखांकित करते हुए कहा:”लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि जनता अपने चुने हुए मुखिया से सीधे संवाद कर सकती है। हम सूबे के मुख्यमंत्री जी का स्वागत करने और उन्हें फतेहपुर की जमीनी हकीकत से रूबरू कराने जा रहे थे। हमारा उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण था। पुलिस बल लगाकर हमें जनता की आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।”उन्होंने जिले की प्रमुख समस्याओं का विवरण देते हुए आगे कहा:”हम मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपनी मुख्य मांग के रूप में गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने का संकल्प पत्र सौंपने वाले थे।

इसके साथ ही, हाल ही में देश के छात्र-छात्राओं और बेटियों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में न्याय की मांग, फतेहपुर में जारी भयंकर बिजली संकट, सोसायटियों में खाद की भारी किल्लत और जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई बदहाल सड़कों की मरम्मत जैसे अति-महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। भले ही आज प्रशासनिक बंदिशों से हमें रोक दिया गया हो, लेकिन जनता के अधिकारों और उनके विकास के लिए हमारा यह रचनात्मक संघर्ष हमेशा जारी रहेगा। “जनता और संगठन का अटूट संकल्प हेमलता पटेल ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन हमेशा नियम-कानून के दायरे में रहकर ही जनता की बात उठाता आया है और आगे भी उठाता रहेगा। इस घटना के बाद स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और ग्रामीणों में इस बात को लेकर व्यापक चर्चा है कि जनता की बुनियादी और जायज मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचने देना प्रशासन की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी होनी चाहिए थी। इस दौरान सत्यवती, सुमन, मधु, संयोगिता, सावित्री, कम्मो, राजरानी, रंजना, पार्वती आदि लोग रहीं


Subscribe to my channel