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Bhopal

मगरमच्छ की वीडियो वायरल कर सुर्खियां बटोरने वाले व्यक्ति को एसटीएसएफ ने दबोचा

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश द्वारा डिजिटल प्लेटफार्म पर वन्यजीव से संबंधित अवैधानिक वीडियो बनाकर वायरल करने वाले व्यक्ति पर कड़ी कार्यवाही की गई। एसटीएसएफ ने सोशल मीडिया एप्लीकेशन, इंस्टाग्राम पर अनुसूची-1 में दर्ज वन्यजीव मगरमच्छ को पकडने, अवैध तरीके से अपने कब्जे में रखने, उसके साथ छेडछाड़ करने, उसको उठाकर पटकने, घसीटने का वीडियो बनाकर सुर्खियां प्राप्त करने एवं अपने फॉलोवर बढ़ाने के उद्देश्य से अपलोड कर वायरल कर दिया गया। इसके संबंध में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जांच कर, उक्त शरारती व्यक्ति के संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त कर उसे मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के होने की पुष्टि हुई। एसटीएसएफ की क्षेत्रीय इकाई शिवपुरी एवं वनमंडल शिवपुरी के वन अमले द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए ग्राम गरेठा तहसील पिछोर से 2 आरोपीयों को अभिरक्षा में लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ग्राम गरेंठा से लगी बुधना नदी में बिजली का करंट लगाकर मगरमच्छ को मारने का प्रयास करना स्वीकारा एवं यह भी बताया कि वह मछली मारने के लिए निरंतर विद्युत करंट का उपयोग करता है, जिससे मगरमच्छ भी चपेट में आ जाते है। पूछताछ में इंस्टाग्राम में अपलोड वीडियो में दिखाये जा रहे कंटेंट संबंधी अपराध को स्वीकारा। इसके उपरांत दोनों व्यक्तियों पर वन मंडल शिवपुरी द्वारा वन अपराध प्रकरण 2 जून 2026 वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में पंजीबद्ध किया गया। विधिवत कार्यवाही के उपरांत दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय पिछोर जिला शिवपुरी म.प्र. के समक्ष पेश किया गया। वन्यजीव मगरमच्छ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में आता है, जिसको मारना या छेडछाड़ करने का कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिये न्यूनतम 3 वर्ष एवं अधिकतम 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है। उक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 का उल्लंघन किया गया है। उक्त कृत्य के संबंध में आम नागरिकों को भी सूचित किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुर्खियां बटोरने के लिये निरीह वन्यजीवों के साथ छेडछाड न की जाये और न ही उनके साथ कोई अमानवीय कृत्य किया जाये।

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