
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, शुक्रवार को भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में, अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण AISHE Survey 2025-26 के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि आने वाला समय डाटा का है और इस सर्वेक्षण में विभिन्न संस्थानों में विद्यार्थियों का सुव्यवस्थित डाटा एकत्र कर, प्रदेश को देश भर में अग्रणी बनाने के लिए परिश्रम करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत केंद्रित है और भारतीय दर्शन, मूल्यों तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी है, इसके परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परम्परा पर व्यापक क्रियान्वयन हो रहा है। मंत्री श्री परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा में प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश किया गया है। विकसित भारत 2047 का संकल्प, शिक्षा के मंदिरों को पुनः विश्व के सर्वोच्च ज्ञान के केंद्र बनाने का संकल्प है। शिक्षा के मंदिरों से, वसुधैव कुटुंबकम् का भाव मजबूत होगा। कहा कि प्राचीन ऐतिहासिक तथ्यों, धरोहरों और परंपराओं को वर्तमान ज्ञान से जोड़कर आगे बढ़ने वाले मीडिया संस्थान जैसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विश्वविद्यालय द्वारा सौ वर्षों की धरोहरों पर आधारित समाचार पत्रों की ऐतिहासिक सुर्खियों का संरक्षण एक सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी को नमन करते हुए कहा कि दोनों विभूतियों का राष्ट्र को जागृत करने में अतुलनीय योगदान रहा है। कुलगुरु ने बताया कि आगामी जुलाई सत्र से डिजिटल मार्केटिंग एवं फाइनेंशियल अकाउंटिंग के दो नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें एआई टूल्स, टैली तथा मीडिया की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यवस्तु को शामिल किया जाएगा। उन्होंने पीजीडीसीए एवं डीसीए पाठ्यक्रमों को रोजगार में वरीयता देने तथा संबद्ध अध्ययन संस्थाओं के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने का सुझाव भी रखा।नोडल अधिकारी एवं सहायक कुलसचिव ने कहा कि संस्थानों द्वारा प्रस्तुत किए गए डेटा के आधार पर ही शासन की योजनाएं बनती हैं, इसलिए AISHE पोर्टल पर सटीक और प्रामाणिक जानकारी भरना अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।




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