महिलाओं ने की कुमकुम पूजा, माँगी सुहाग की लंबी आयु

बालाजी मंदिर में वार्षिक महोत्सव के पांचवे दिन सुबह से पूजा-अर्चना शुरू हुई। सुप्रभात पूजा के बाद पूजा मंडप में भगवान का फूलों से अलंकरण कर महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में कुमकुम पूजा की।

मंदिर में चल रहे 7 दिवसीय आयोजन के पांचवें दिन हुई कुमकुम पूजा के लिये टेंपल कमेटी की ओर से पूजन सामग्री दी गई थी। महिलाओं ने अपने सुहाग एवं परिवार की दीर्घायु के लिए कुमकुम पूजा की। कुमकुम पूजा में मंदिर परिसर मेंं 1 हजार से महिलाओं ने भाग लिया।

पूजा विधान आंध्रप्रदेश से पंडित रामाचार्युलु एवं साथी पंडितों ने संपन्न करवाया। बता दें कि गुरुवार रात में श्रीनिवास कल्याणम महोत्सव संपन्न हुआ था। रात डेढ बजे तक जारी पूजा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गुरुवार को ही संपन्न हुए महा अभिषेक के बाद देव प्रतिमाओं को रत्न कवच पहनाये गये।

25वें वार्षिक महोत्सव के अवसर पर बालाजी मंदिर स्थित भगवान बालाजी, माता आंडाल, माता पद्मावती और श्री गणेश जी की प्रतिमाओं को रत्न कवच धारण करवायें गये हैं। चांदी में जड़ें चमकीले और रंग बिरंगे अमेरिकन डायमंड से बने कवच से सुसज्जित देव प्रतिमायें श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बनें हुए हैं।

इस अवसर पर भगवान बालाजी की प्रतिमा को पहनाये गए स्वर्ण मुकुट के दर्शन हेतु भी भक्त मंदिर पहुँच रहें हैं। टेंपल कमेटी ने बताया कि वार्षिक महोत्सव के समापन तक प्रतिमाओं को इस विशेष सजावट के साथ ही रखा जायेगा।

शुक्रवार शाम मंदिर परिसर में नृत्य एवं भजन संध्या आयोजित की गई। रायपुर से आये कत्थक नृत्य समूह की बालिकाओं ने अपने शानदार नृत्य से दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरी। शहर के भजन गायकों ने भी अपनी भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दस बजे तक जारी सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में भक्त मौजूद रहे।



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