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बदलाव की बुनियाद शिक्षा राज्यपाल जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल हुए

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा ही बदलाव की सशक्त बुनियाद है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार, समाज और देश के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रत्येक बच्चे—चाहे वह बालक हो या बालिका—को शिक्षा के समान अवसर मिलना चाहिए। शिक्षित बच्चे ही एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव रखते हैं।राज्यपाल ने यह विचार मंगलवार को सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में व्यक्त किए। राज्यपाल का परंपरागत जनजातीय रीति-रिवाजों एवं लोक परंपराओं के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मेलन में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।राज्यपाल ने जनजातीय समुदाय के नागरिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़ना होगा। स्वामी विवेकानंद के प्रेरक कथन “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी से सतत प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है तथा देश के विकास में भी बाधक बनता है। उन्होंने नागरिकों से नशा त्याग कर स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने जनजातीय समुदाय के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए बताया कि गुजरात के एकता नगर में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का प्रयास है, जिसके माध्यम से जनजातीय समुदायों को शासन की योजनाओं और सेवाओं से जोड़कर सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिक्षित और जागरूक बनें, शासन की योजनाओं का पात्रतानुसार स्वयं लाभ लें और दूसरों को भी लाभ दिलाने में सहयोग करें।सिकल सेल को एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी बताते हुए कहा कि यह जनजातीय समुदाय के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने बताया कि इस रोग को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय मिशन प्रारंभ किया है, जिसका शुभारंभ 2023 में शहडोल जिले से किया गया था। उन्होंने विवाह पूर्व सिकल सेल की जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सके। राज्यपाल ने ग्राम मोगराखेड़ा में नवनिर्मित पंचायत भवन का अवलोकन किया तथा सभाकक्ष में महिला पंचों के साथ गांव की विकास गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने ग्राम पंचायत के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। उन्हें बताया गया कि यह पंचायत पूर्णतः महिला प्रतिनिधित्व वाली है, जहां सरपंच सहित सभी पंच महिलाएं हैं और सभी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। राज्यपाल ने इसे महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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