Madhya Pradesh News : अनाथ बालक अंशुल पाल को मिला आधार, दादा को कानूनी अभिभावक बनाकर यूआईडीएआई निदेशालय से मिला समाधान
संबल योजना से परिवार को 2 लाख की अनुग्रह सहायता राशि

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ संवेदनशील प्रशासन की पहल की गई है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने जनसुनवाई में टोकन सिस्टम लागू कर आवेदकों की समस्याएं क्रमबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से सुनवाई करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। बड़ी संख्या में आवेदकों के पहुंचने के कारण शुरू की गई इस व्यवस्था से प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। टोकन नंबर के आधार पर निर्धारित क्रम में कलेक्टर ने आवेदकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे जनसुनवाई में पारदर्शिता के साथ-साथ अव्यवस्था कम हुई और आवेदकों को अपनी बारी के लिए सुविधाजनक तरीके से इंतजार करने की व्यवस्था मिली। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम छतरपुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने अनाथ बालक अंशुल को सौंपा आधार कार्ड जनसुनवाई में गौरिहार तहसील के ग्राम घूर निवासी 6 वर्षीय अनाथ एवं बेसहारा बालक अंशुल पाल के दादा अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। माता-पिता के निधन के बाद पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं होने के कारण बालक को विभिन्न शासकीय सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही थी। कलेक्टर मृणाल मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पहल की। यूआईडीएआई राज्य कार्यालय भोपाल के सुझाव के अनुसार जिला प्रबंधक ई-गवर्नेन्स राहुल तिवारी के माध्यम से बालक के दादा को बाल कल्याण समिति के माध्यम से कानूनी अभिभावक घोषित कराने की कार्रवाई की गई। इसके बाद बालक का आधार पंजीयन कराया गया और प्रकरण यूआईडीएआई के क्षेत्रीय निदेशक को भेजा गया। तत्काल कार्रवाई के बाद अंशुल का आधार कार्ड जारी हुआ। कलेक्टर मृणाल मीणा ने बालक अंशुल और उसके दादा को आधार कार्ड प्रदान किया। आधार कार्ड मिलने से अब बालक के लिए शिक्षा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का रास्ता सुगम होगा। बालक के दादा ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता योजना का लाभ भी प्रदान किया गया। जनपद पंचायत छतरपुर की ग्राम पंचायत सीगौन के श्रमिक राजेश अहिरवार के निधन के बाद उनकी उत्तराधिकारी पत्नी माना अहिरवार को 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का आदेश सौंपा गया। सहायता राशि से परिवार को आर्थिक संबल मिलेगा। इसके साथ ही जनसुनवाई में 283 आवेदनों पर सुनवाई की गई और संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर निराकरण करने के निर्देश दिए गए।


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