
भोपाल रिपोर्टर
संत नगर में नये साल की शुरुआत विश्व बहिराणा दिवस का पर्व खुशी एवं उमंग के साथ सिंधी समाज की अग्रणी महिलाओं की संस्था सिंधी महिला पंचायत ने मनाया। एक जनवरी को इस त्यौहार का आयोजन सिंधी समाज के लोग करते है झूलेलाल मंदिरों में बहराणा सजा या जाता हे महिला पंचायत की टीम ने भी बहराना सजा कर अपनी संस्कृति का परिचय दिया। अध्यक्ष किरण वाधवानी ने बताया कि दीप प्रज्वलित कर जब हम कोई कार्य आरंभ करते हैं तब अपनी आत्मज्योति के बल पर किए गए पूजनद्वारा हम ब्रह्मांड के विशिष्ट देवता के तत्त्व का आवाहन करते हैं एवं दैविक तरंगों से कार्यस्थल पर आने हेतु प्रार्थना करते हैं । इससे हमारे कार्य के लिए ईश्वरीय संकल्पशक्ति कार्यरत होती है एवं मनोवांछित कार्य सिद्ध होता है । ज्योतिद्वारा प्रक्षेपित रजोगुणी.कणों की गतिविधियों के कारण ब्रह्मांड में विद्यमान ईश्वरीय निर्गुण कार्यतरंगों का रूपांतरण सगुण रजोगुणी कार्यतरंगों में होता है । ईश्वरीय क्रियाशक्ति के बल पर कार्यस्थल के चारों ओर इन कार्यतरंगों का सुरक्षा.कवच निर्मित होता है । दीप प्रज्वलित कर हम एक प्रकार से कार्यस्थल की शुद्धि ही करते हैं । सुरक्षा. कवच द्वारा प्रक्षेपित किरणरूपी गतिमान एवं वलयित तेजतरंगों के कारण उच्च स्तर की ;अधिक क्षमतायुक्त अनिष्ट शक्तियां कार्यस्थल में प्रवेश नहीं कर पातीं एवं देवता के आशीर्वाद के कारण हमारा कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है । यहां अंग्रेजी नव वर्ष के आगमन पर राम कृष्ण की धुनी भी लगाई गई प्रसाद में तहरी चने का भोग लगाया सभी ने अपने सिर पर बहराना साहिब उठाकर देश की खुशहाली की सामूहिक प्रार्थना की। बहराने की सजावट पद्मा उदासी और किरण वाधवानी ने मिल कर की प्रोग्राम मे किरण वाधवानी, मधु लालवानी, मयूरी मरजानी, नूतन, लता, माया, नैना वाधवानी, लावया, नेहा आहूजा उपस्थित रही प्रोग्राम उपरांत बहराने का विसर्जन भी किया गया।

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