प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर तस्वीर साझा करते हुए दी अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
भारत की चहेती गायिका 92 वर्षीय दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले की रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन की सूचना मिली । उन्हें तुरंत अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा इकाई में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती ज़नाई भोसले ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण भोसले को शनिवार शाम मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देशभर के प्रशंसक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। इसी बीच उनका इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी के द्वारा यह दुखद जानकारी मिली की कुछ मिनट पहले आशा भोसले का कई अंगों के फेल होने के कारण निधन हो गया। मधुर वाणी और अद्वितीय पार्श्वगायिका आशा भोसले ने पहली बार मराठी फ़िल्म ‘माझा बाल’ 1943 में गीत गाया था। इसके बाद फ़िल्म ‘चुनरिया 1948’ में ‘सावन आया’ गीत गाया। उन्होंने फ़िल्म संगीत, पॉप, ग़ज़ल, भजन, शास्त्रीय संगीत, क्षेत्रीय गीत, क़व्वाली, रवीन्द्र संगीत, नज़रूल गीत जैसी विभिन्न शैलियों में लगभग 20 भाषाओं में 12 हज़ार से ज़्यादा गीतों को अपना स्वर दिया। उन्हें 1981 की फ़िल्म उमराव जान 1987 की फ़िल्म इजाज़त के लिये राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, वर्ष 2000 में दादा साहेब फाल्के और वर्ष 2008 में पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूँ।उन्होंने आशा भोसले के साथ अपने पिछली मुलाकातों की कुछ फोटो साझा करते हुए कहा कि दशकों तक फैले उनके असाधारण संगीतमय सफर ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएँ, उनकी आवाज में एक शाश्वत चमक थी। उनके साथ बिताए पलों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में हमेशा गूंजते रहेंगे।




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