नगरी। क्षेत्र में अवैध मुरुम परिवहन का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिना नंबर प्लेट की कंडम और जर्जर गाड़ियां सड़कों पर बेखौफ दौड़ती नजर आ रही हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। ताजा मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई तो की, लेकिन मात्र 300 रुपये का चालान काटकर वाहन को छोड़ दिया गया, जिससे लोगों में आक्रोश है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां एक ओर बिना हेलमेट बाइक चलाने पर 1000 रुपये तक का चालान किया जाता है, वहीं बिना नंबर प्लेट और अवैध मुरुम परिवहन जैसे गंभीर मामलों में इतनी हल्की कार्रवाई समझ से परे है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई बड़ी सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कहीं ऐसी ही लापरवाही तो जिम्मेदार नहीं है। बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे हादसे के बाद कार्रवाई भी प्रभावित होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
नगरी क्षेत्र में अवैध खनन और मुरुम परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन ठोस और सख्त कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है। जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि बिना नंबर प्लेट वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए, अवैध परिवहन में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर मामूली चालान के सहारे ही व्यवस्था चलती रहेगी।