
रिपोर्टर बलदेव कक्कड़ मनसा पंजाब
21 फरवरी, 2023 तक पंजाब राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों/विभागों/संस्थानों/संस्थानों/शैक्षणिक संस्थानों/बोर्डों/निगमों और गैर-सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक और निजी दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों आदि के नाम। नेम प्लेट, मील के पत्थर/साइन बोर्ड पंजाबी भाषा (गुरुमुखी लिपि) में लिखे जाने चाहिए। यदि नाम किसी दूसरी भाषा में लिखना हो तो पंजाबी भाषा (गुरुमुखी लिपि) के बाद लिखा जाना चाहिए। इस संबंध में निर्देश पंजाब सरकार, उच्च शिक्षा और भाषा की ओर से भी जारी किए गए हैं। यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी तेजिंदर कौर ने दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को लेकर काफी गंभीर है, इसलिए किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। पंजाबी, हमारी मातृभाषा पंजाब राज्य की जीवनदायिनी है और यह पंजाबियों का गौरव है और मातृभाषा को उसका उचित सम्मान देना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने अपील की कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्थानों की जांच की जाए और स्पेलिंग भी सही हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि ऐसी कोई कमी पाई जाती है, तो इसे संबंधित अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए। इन निर्देशों के संबंध में विभिन्न विभागों के जिलाध्यक्षों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। जिला भाषा कार्यालय, मनसा द्वारा विभिन्न कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि राज्य भाषा अधिनियम, 1967, राज्य भाषा (संशोधन) अधिनियम, 2008 और राज्य भाषा (संशोधन) अधिनियम, 2021 का अभी भी पूर्ण अनुपालन नहीं किया जा रहा है। साथ। अतः इस अधिनियम का विस्तार से पालन करना सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में कार्यालय, जिला भाषा अधिकारी, मनसा से किसी भी समय मार्गदर्शन/सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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