मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh News दीदी चिटनिस के कामों से डरा विपक्ष 2018 के गद्दारों के सहारे 2023 मे भी बुरहानपुर का विकास का पहिया अर्चना दीदी को रोकना चाहता है।

रिपोर्टर आरती बाई पवार बुरहानपुर मध्य प्रदेश

बुरहानपुर 2018 मे चुनावी इतिहास को देखते हुऐ भाजपा की जीत आसान लग रही थीं। किंतू चुनावी राजनीती मे कई मर्तबा वैसा नही होता जैसा होता दिखाईं देता है। राजनीतिक विश्लेषक और रणनीतिकार बुरहानपुर मे दीदी की जीत के लिए आश्वस्त थे तो प्रदेश मे भाजपा सरकार के पंद्रहवे वर्ष से आगे के कार्यकाल को लेकर भविष्य वाणी कर रहे थे। कौन थे वह गद्दार जिन्होंने बुरहानपुर से लेकर भोपाल सरकार को लेकर की गईं भविष्य वाणी को झुटलाया?
हम अतीत मे जाए तो गद्दारी की छवी वही पुरानी स्वर्ग गामी हो चुके पंडित कैलाश जोशी जी आज धरती पर होते तो उन्हीं की जुबानी गद्दारी की स्क्रिप्ट सुनते ! खेर इतिहास पुनः दोहराया गया जिसे समझने मे पार्टी और प्रत्याशी दोनो ने देरी कर दी और शाहपुर और नेपानगर विधान सभा सीट से पार्टी को हार का मूंह देखना पड़ा था। अतीत ने अपने आप को दोहराया 2018 मे टैक्टर पर सवार होकर निकले कमल छाप गद्दारों ने विकास का पहिया रोकने के लिए जितने जतन और तिकड़म किए थे उनसे सूत समेत वसूली 2023 मे ही कर ली गई थीं ईसका भान उन्हें है !

बहराल मौजूदा वक्त और आम मतदाताओं का रुझान 2023 के लिए दीदी अर्चना चिटनिस की और दिखाईं दे रहा है यह दीगर बात है चुनावो मे भारतीय जनता पार्टी और पार्टी के प्रत्याशी के लिए वोट मांगने वाले विभिषणी नेता वोट नही नोट की जुगत में लगे दिखाईं देते है। पार्टी हाई कमान को इन विभिषणो और गद्दारों पर नकेल कसने के लिए अभी से तैयारी कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहीए अगर 2023 मे सरकार बनानी है और 2024 को मोदी जी के लिए मुफीद बनाना हो।

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