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Chhattisgarh News विधानसभा चुनाव 2018 में सात सीटें जीतने वाली जोगी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन आखिरकार टूट गया है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

पिछले चुनाव में इस गठबंधन से जोगी कांग्रेस ने 5 और बसपा ने 2 विधानसभा सीटें जीती थीं। लेकिन इस बार बसपा ने अकेले ही 9 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करने का स्पष्ट संदेश भी दिया। उधर, जोगी कांग्रेस का भी मानना है कि पिछली बार बसपा से मिलकर चुनाव लड़ने से उनको काफी नुकसान हुआ, इसलिए इस बार गठबंधन पर बात ही नहीं की। यही नहीं, बसपा ने भी जोगी कांग्रेस से कोई चर्चा किए बिना उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा और जोगी कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की सभी 90 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा था। बंटवारे में जोगी कांग्रेस को 55 सीटें और बसपा को 35 सीटें मिली थीं। चुनाव में जोगी कांग्रेस को राज्य में 7.4 प्रतिशत और बसपा को 3.7 प्रतिशत वोट मिले थे। गठबंधन को सात सीटों पर जीत मिली थीं। जोगी कांग्रेस ने मरवाही, कोटा, लोरमी, बलौदाबाजार और खैरागढ़ जैसी पांच सीटों पर बाजी मारी थी। बसपा को पामगढ़ और जैजैपुर में जीत मिली थी। बाद में हुए उपचुनाव में मरवाही और खैरागढ़ सीटें कांग्रेस ने जीत लीं। अब जोगी कांग्रेस के पास सिर्फ तीन सीटें रह गई हैं। इनमें से भी लोरमी विधायक धरमजीत सिंह को पार्टी ने निलंबित कर रखा है। बलौदाबाजार के प्रमोद साहू ने भी हाल में इस्तीफा दे दिया है। अब जोगी कांग्रेस में रेणु जोगी ही विधायक हैं। बसपा के नौ उम्मीदवार मस्तुरी-दाऊराम रत्नाकर, नवागढ़-ओमप्रकाश बाचपई, जांजगीर चांपा- राधेश्याम सूर्यवंशी, जैजैपुर- केशव चंद्रा (विधायक), पामगढ़- इंदु बंजारे (विधायक), अकलतरा-डॉ. विनोद शर्मा, बिलाईगढ़-श्याम टण्डन, बेलतरा-रामकुमार सूर्यवंशी, सामरी-आनंद तिग्गा।

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