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Bihar News आज समाज में आए दिन रेप जैसी निर्मम वारदातें होते रहती है प्रशासन अपना काम तत्परता से करते हुए मुजरिमों को सजा भी दिलाती है,

रिपोर्टर अमित कुमार सिंह पूर्वी चंपारण बिहार

मुजरिम या तो सजा काटते हैं या फिर बेल पर बाहर आ जाते हैं या फिर फांसी तक हो जाती है, हम, हमारा समाज, मानवाधिकार, महिला आयोग, सरकारें तथा विपक्ष को बना बनाया मुद्दा मिल जाता है हाइ तौबा मचाई जाती है सड़क मार्ग जाम कर आगजनी जैसी घटना कर दिया जाता है जो मेरे अनुसार शर्मनाक है, क्यूंकि हम, हमारापरिवार और हमारा समाज,टीवी चैनल वाले, इण्टरनेट, फिल्म, अश्लीलता हिं परोसते है ये सब दोषी हैं, हम बचपन से जो देखते हैं वही अमल करते हैं हमारे समाज में एक सिरियल आता है “तारक मेहता का उल्टा चसमा “जो है तो काफी सामाजिक, पारिवारिक सीरियल, पर दिखाया जाता है कि जेठालाल बबीता जी के प्यार में जीभ लपलपाते नजर आ रहे हैं, हम बच्चों और परिवार के साथ बैठाकर खूब प्रशंसा करते हैं, बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है किस तरफ ढकेल रहे हैं पता नहीं चल रहा है, पहले संयुक्त परिवार होता था बच्चों का ज्यादा समय दादाजी दादीजी,नानाजी नानीजी,बुआजी के साथ बीतता था धार्मिक कहानियां इत्यादि सुनकर तथा खेल कर अपना समय बिताते थे अब एकल परिवार हो गया माताजी, पिताजी को अपने कार्य से फुर्सत नहीं है बच्चों को टीवी चैनल एवं इण्टरनेट के साथ छोड़ दिया जाता है बच्चे भी क्या करें घर में ऊब जातें हैं, नंगापन, फूहड़पन देख रहे हैं, कहीं घटना घटी तो हम सभी दुःखी तथा उतावले हो जाते हैं गलती हमारी तथा हमारे समाज की है न कि सरकार या प्रशासन की, जैसा परिवेश हम और आप देंगे वैसा पाएंगे पाश्चात्य सभ्यता को घर, समाज, परिवार से दूर रखे, सावधान रहें सतर्क रहें दोषारोपण बंद कर सभ्य बनें l

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