Chhattisgarh News शराब और कोयला के बाद केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर अब छत्तीसगढ़ की खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) पर है

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
रायपुर सूत्रों के अनुसार ईडी ने राज्य सरकार व बीजापुर जिला प्रशासन को पत्र भेजकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (डीएमएफ) का 2016 से लेकर अब तक पूरा हिसाब मांगा है। इस करीबी सूत्र के अनुसार राज्य में अब तक मारे गए छापों और जांच में ईडी को डीएमएफ में भी गड़बड़ी के कुछ साक्ष्य मिले हैं। चर्चा है कि डीएमएफ के तार कथित कोयला घोटाला से जुड़ रहा है। चर्चा है कि इसी वजह से ईडी ने डीएमएफ को भी अपने जांच के दायरे में ले सकती है।
बीजापुर को नोटिस का श्रीकांत कनेक्शन छत्तीसगढ़ में डीएमएफ अब ईडी के रडार पर है
बीजापुर जिला प्रशासन को नोटिस के पीछे श्रीकांत दुबे कनेक्शन बताया जा रहा है। श्रीकांत दुबे आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त रहे हैं। दुबे बीजापुर और कोरबा में पदस्थ रहे हैं। अभी वे राजनांदगांव में पदस्थ है। 21 जुलाई को ईडी ने राजनांदगांव स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा था। कोरबा में पदस्थाना के दौरान दुबे पर डीएमएफ में गड़बड़ी का आरोप लगा था। चार साल पहले राज्य सरकार ने उन्हें इसी मामले में निलंबित भी कर दिया था।
सरकार से भी मांगी गई डीएमएफ की जानकारी
सूत्रों के अनुसार बीजापुर से पहले ईडी ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर डीएमएफ का हिसाब मांगा है। इसमें कोरबा को लेकर स्पेसिफिक जानकारी मांगी गई है। ईडी ने सरकार से डीएमएफ को लेकर कुल 7 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें वर्षवार जिलों को आंवटित फंड और खर्च आदि का विस्तृत ब्योरा शामिल है।
छत्तीसगढ़ में डीएमएफ अब ईडी के रडार पर है 10 हजार करोड़ का है डीएमएफ
छत्तीसगढ़ खनिज संपन्न राज्य है। ऐसे में यहां डीएमएफ के तहत बड़ी राशि प्राप्त होती है। राज्य में डीएमएफ के रुप में करीब 10 हजार करोड़ रुपये सरकार के पास आता है। राज्य सरकार की वेबसाइट में !
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