Chhattisgarh News समय से पहले खेल खत्म होने से नाराज़ खिलाड़ियों से भिड़ गए नेताजी. हो गई किरकिरी!

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्र और नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने, प्रतिभागियों को मंच प्रदान करने, उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खेल भावना का विकास करने छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुरुआत सूबे के मुख्यमंत्री श्री बघेल ने की है, बीते साल की तरह इस साल भी राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023/24 का आयोजन हरेली त्यौहार से किया गया है।
जानें कब से कब तक चलेगी प्रतियोगिता:
17 जुलाई से 22 जुलाई तक ग्रामीण स्तर
26 जुलाई से 31 जुलाई तक जोन स्तर
07 अगस्त से 21 अगस्त तक विकास खंड स्तर
25 अगस्त से 04 सितंबर तक जिला स्तर
10 सितंबर से 20 सितंबर तक संभाग स्तर
25 सितंबर से 27 सितंबर तक राज्य स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खिलाड़ियों में खेल भावना का विकास करने छत्तीगढ़िया ओलंपिक का शुरुआत तो कर दी गई, लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि और अधिकारी जब खिलाड़ियों की भावनाओं से ही खेलने लगे तो क्या होगा? मामला धमतरी जिले की ग्राम पंचायत भोथली का जहां 31 जुलाई को जोन स्तर का आखरी खेल खेला जा रहा था, तभी रेफरी द्वारा हर जीत का निर्णय दे दिया गया। जिससे बहुत से खिलाड़ियों में मायूसी छा गई। सभी मायूस खिलाड़ी इसका विरोध करने लगे, इस दौरान खिलाड़ियों और कांग्रेसी नेता के बीच तीखी बहस होने लगी, साथ ही खेल मैदान पंडाल पर विधायक के सपने बुन रहे नेता के मुर्दाबाद के नारे तक लगाना शुरु हो गए। मौजूद खिलाड़ियों व दर्शकों में से किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं मौजूद खिलाड़ियों में से कुछ ने बताया कि ये जोन स्तर का आखरी खेल खेला जा रहा था तभी अखरी के दो मिनट पहले ही निर्णय दे रेफरी पंडाल पर आ गया। खिलाड़ियों व दर्शकों का कहना है कि खेल को खेल भावना से ही खेला जाना चाहिए, तय समय से पहले खेल का निर्णय देना गलत है। मुख्यमंत्री श्री बघेल का उद्देश्य इस प्रतियोगिता के लेकर ये है कि लोगों में एक जुटता आए, पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों का रुझान फिर से हो, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान सत्तापक्ष के नेता की खिलाड़ियों से हुई इस तीखी बहस ने नेताजी की खूब किरकिरी कर डाली।

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