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Madhya Pradesh News जिला श्यामल कुमार मंडल पिता श्रीवास चंद्र मंडल फर्जी झोलाछाप बंगाली डॉक्टर पसान नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 18 गोल बाजार भालूमाडा मे ,.आयुर्वेदिक दवाखाना का लाइसेंस लेकर , आयुर्वेदिक दवाई को ही चलाने का ज्ञान अनुभव पात्रता प्राप्त करके , अनेक वर्षों से , भोले भा ले लोगों के स्वास्थ्य पर कर रहा है

खिलवाड़ , फर्जी तरीके से सभी प्रकार के अंग्रेजी दवाओं को चलाकर ,अवैध क्लीनिक बनाकर , हर बीमारी का करता है लोगों का अंग्रेजी दवाअो से इलाज , स्वास्थ्य विभाग , क्षेत्र के नेताओं से मिल रहा है इसको भरपूर संरक्षण , जिससे कई बार जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी से इस बात की शिकायतों के बाद भी इस फर्जी झोलाछाप डॉक्टर पर क्यों नहीं की जा रही है कानूनी कार्यवाही ?

रिपोर्टर सूर्यकान्त मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश

अनूपपुर :- जिला के नगर पसान वार्ड क्रमांक 18 गोल बाजार भालू माडा मे बहुत ही मशहूर डॉक्टर बंगाली के नाम से यह अवैध क्लीनिक अनेक वर्षों से चल रहा है , नगर पालिका क्षेत्र वा अन्य क्षेत्र के भी भोले भाले , कम पढ़े लिखे , तथा पढ़े-लिखे शिक्षित सभी वर्ग के लोगों के बीमार होने पर हर प्रकार के सभी बीमारियों का फर्जी डॉक्टर श्यामल कुमार मंडल द्वारा अंग्रेजी दवाओं के लगातार इस्तेमाल करके जनमानस का इलाज किया जा रहा है , यह फर्जी डॉक्टर बंगाल से आया तो यह छोटा सा किराए के घर पर जड़ी बूटियों का आयुर्वेदिक इलाज करते हुए क्षेत्र मे डॉक्टरी का कारोबार चालू किया था , धीरे-धीरे लोगों से इनका संपर्क जान पहचान होता गया , जिससे इनके दवाखाना में क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी के कारण हर वर्ग के लोगों का इलाज के लिए आना जाना भीड़ भाड़ निरंतर बढ़ता चला गया , जिससे इस फर्जी डॉक्टर के द्वारा आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल ना करते हुए फर्जी तरीके से अंग्रेजी दवाओं का लोगों के हर प्रकार के रोगों पर इलाज करना शुरू किया गया , अपने डॉक्टरी का व्यापार बढ़ाने

पैसा कमाने के उद्देश्य से फर्जी डॉक्टर के द्वारा भरपूर मात्रा में अंग्रेजी दवाओं का लोगों के शरीर में प्रयोग करते रहने से यह झोलाछाप फर्जी बंगाली डॉक्टर को अंग्रेजी दवाओं का ज्ञान प्राप्त होता चला गया ,जिससे अंग्रेजी दवाओं का इनके द्वारा लगातार प्रयोग किया जा रहा है , अनूपपुर जिला आदिवासी बाहुल्य तथा गरीब किसान बेरोजगार शिक्षा के अभाव युक्त सीधे-साधे लोगों से भरपूर क्षेत्र है , यहां के अधिकतर जनमानस लोगों को फर्जी डॉक्टर भी डिग्री प्राप्त योग्य डॉक्टर दिखते है मानते जानते हैं , लोगों को आयुर्वेदिक , अंग्रेजी डॉक्टरों पर अंतर समझ में नहीं आता है , की किन डॉक्टरों को जड़ी बूटी आयुर्वेदिक दवाई करने का लाइसेंस मिला है और किन डॉक्टरों को अंग्रेजी दवाई का प्रयोग करने का अनुभव पढ़ाई डिग्री व न्यायिक अधिकार है , इस अंतर को ना समझ पाने के कारण लोगों द्वारा इस बंगाली फर्जी डॉक्टरों जो आयुर्वेदिक दवाई करने का अधिकार ज्ञान.पात्रता रखता है , इससे अंग्रेजी दवाओं से सब रोगो का इलाज करवा रहे हैंइस फर्जी झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा गैर कानूनी डिग्री के विपरीत उल्टा डॉक्टरी का गोरख धंधा अंग्रेजी दवाओं के माध्यम से लगातार किया जा रहा है ,जिससे इस क्षेत्र में इसके अंग्रेजी दवाओं से किए जा रहे इलाज के दुष्परिणाम निरंतर लोगों के शरीर मैं होते चले जा रहे हैं , भोली-भाली जनता अभी भी यह नहीं समझ पा रही है की यह डॉक्टर जो इलाज कर रहा है इसके अनुभवहीन होने से किए जा रहे इलाज से उसका इनके शरीर में साइड इफेक्ट कितने जोरों पर असर कर रहा है , इस फर्जी डॉक्टर के द्वारा हाई पावर के अनेक प्रकार के टैबलेट हर प्रकार के अंग्रेजी दवाओं का ओवरडोज दिया जाता है ,.जिससे मरीजों को तत्काल में आराम तो मिल जाता है परंतु इसके अज्ञानता के दवाओं के प्रयोग से रोगी के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने लगती है , मरीज के हालत खराब होने लगता है , जब मरीज की स्थिति मरणासन्न हो जाती है तो इसके द्वारा बड़े हॉस्पिटलों में मरीज को इलाज कराए जाने की सलाह दी जाती है , मरीज जब अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए.इनके बताए अनुसार बड़े अस्पतालों में पहुंचकर एडमिट होकर इलाज करवाता है तो सेटिंग के कारण इनको भारी कमीशन के रुपए आपसी सांठगांठ से प्राप्त होते रहते हैं , यह फर्जी डॉक्टर अब अपने आप को अंग्रेजी दवाओं के इलाज करने में किसी भी प्रकार के कानून को ना मानकर किनारे रखकर निर्भीक होकर एमबीबीएस ,डॉक्टर मानकर लोगों के सभी बीमारियों का अंग्रेजी दवाओं से लगातार इलाज कर रहा है

यह फर्जी डॉक्टर आज इस स्थिति में है की फर्जी डॉक्टर के अलावा अपने आप को पार्टी का महत्वपूर्ण नेता मान बैठा है , इसके द्वारा नगर पालिका के चुनाव में पार्षद पद के लिए उम्मीदवार वन कर चुनाव लड़ा गया था , यह फर्जी डॉक्टर अपने आप को गैर कानूनी कार्य से बचाने के लिए हर संभव कदम पर चल रहा है , इसके द्वारा क्षेत्र के नेताओं , प्रतिष्ठित लोगों अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों , स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से निरंतर जान पहचान दोस्ती करके घरेलू संबंध बनाकर पैसा खर्च करके ,अपने फर्जी डॉक्टरी पर उच्चाधिकारियों के द्वारा कारवाही ना हो बचने के लिए मदद लिया जाता है , इस फर्जी डॉक्टर के कारनामे की जानकारी देकर लिखित शिकायत श्रीमान जिला स्वास्थ्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर के कार्यालय में जाकर की गई थी , परंतु इस फर्जी डॉक्टर के पहुंच पकड़ पैसे के कारण इस पर स्वास्थ्य अधिकारी महोदय जी का अंकुश लगना अभी तक संभव नहीं हो पा रहा है

अब सवाल यह उठता है की क्षेत्र में भोले भाले अंजान लोग इनको डॉक्टर मानकर जो अंग्रेजी दवाओं से इलाज करवा रहे हैं इसका निरंतर स्वास्थ्य के प्रति दुष्परिणाम का कौन जिम्मेवार है ? अब क्या नेतागिरी ., पैसे पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इन पर कार्यवाही करने में अपने आप को विवस लाचार मान बैठे हैं ? अब क्या क्षेत्र के गरीब असहाय जनता जनार्दन के स्वास्थ्य जीवन मैं भी सौदेबाजी की जा रही है ? क्या इस झोलाछाप फर्जी अवैध बहरूपिया डॉक्टर जो आयुर्वेद के नाम पर गैर कानूनी ढंग से अंग्रेजी दवाओं का इलाज कर रहा है इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही की जा सकती है ? यह फर्जी डॉक्टर क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य को खराब करते हुए अनुभवहीन अंग्रेजी दवाओं का इस्तेमाल करके जो अवैध धन कमाकर आय से अधिक संपत्ति संग्रह कर लिया है इस पर आयकर विभाग का नजर वा जांच कार्यवाही होना सरकार के हित में आवश्यक है ?

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