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Uttarakhand News नैनीताल रामनगर में अवैध पेड़ कटान के मामले में वन दारोगा और वन रक्षक सस्पेंड

रिपोर्टर कपिल सक्सैना जिला नैनीताल उत्तराखंड

रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी के डीएफओ ने अवैध पातन मामले में एक वन दारोगा व वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही वन निगम की लापरवाही उजागर होने पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है. डीएफओ का कहना है कि दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है. रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी के डीएफओ ने अवैध कटान पर सख्त एक्शन लिया है. डीएफओ ने अवैध खैर कटान पर एक वन दारोगा व वन रक्षक को निलंबित कर दिया है. साथ ही वेस्टर्न सर्किल के कंजरवेटर को जांच का जिम्मा दिया है. विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा. तराई पश्चिमी के डीएफओ पीसी आर्या ने बताया कि मामले में वन निगम की बड़ी लापरवाही भी सामने आयी है. जिस पर विभाग द्वारा जुर्माना भी लगाया गया है.

जानिए क्या है पूरा मामला

बता दें कि रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिम के आमपोखरा रेंज के शिवनाथपुरा में 13 खैर के पेड़ों के अवैध कटान में डीएफओ ने एक फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित करने की कार्रवाई की है. मामले में एक वन दारोगा पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है. साथ ही वन निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पांच लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग:वहीं जानकारी देते हुए तराई पश्चिमी के डीएफओ पीसी आर्या ने बताया कि रामनगर तराई पश्चिमी के आमपोखरा रेंज के शिवनाथपुर क्षेत्र में निगम की लॉट चल रही थी. लॉट के अंतर्गत ही वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से खैर के पेड़ काटे गए थे. जिसमें वन रक्षक और वन दारोगा की भूमिका संदिग्ध पाई गयी. जिस पर कार्रवाई करते हुए वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है. उसके साथ ही उन्होंने कहा कि वन दारोगा को हटाने को लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गयी है. वहीं डीएफओ ने बताया कि मामले में वन निगम की बड़ी लापरवाही भी सामने आयी है. जिसे देखते हुए वन निगम पर पांच लाख 80 हजार का जुर्माना लगाया है.

 

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