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Madhya Pradesh News उज्जैन ,आगर हाईवे रोड पर छोटी कालीसिंध का ब्रिज खुद बयां कर रहा है ठेकेदार की मनमानी और भ्रष्टाचार की खोल रहा है पोल।

रिपोर्टर डॉ रघुवीर सिंह राजपूत उज्जैन मध्य प्रदेश

उज्जैन : हां हम बात कर रहे हैं, उज्जैन से आगर हाईवे रोड की इसी रोड पर छोटी काली सिंध नदी पर जो बना हुआ ब्रिज हैं। उसकी हालत अगर आप देखोगे तो चौक जाओगे। इसका इतिहास भी बड़ा ही अजब ,गजब का है। क्योंकि यह वही ब्रिज है, जो बनते ,बनते ही गिर गया। मतलब पूरा ब्रिज बना ही नहीं था। उसके पहले ही गिर गया। और इसी खतरनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। इसके बाद भी ठेकेदार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहा है। और भ्रष्टाचार की भेंट यह ब्रिज चढ़ चुका है। इतने बड़े हादसे के बाद भी इससे संबंधित अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। शासन-प्रशासन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका कारण लीपापोती वाली कोई मिलीभगत तो नहीं है। खेर कारण कोई भी हो पर परिणाम तो जनता को ही भुगतना है । जनता का यह पैसा पानी की तरह सरकार बाहर ही है। और बदले में जनता को खतरों से भरा रास्ते वाला ब्रिज दे रही हैं। चुनाव का समय नजदीक होने के बाद भी पता नहीं सरकार का ध्यान जनता की समस्या पर नहीं सिर्फ वोट पर ही हैं। आसपास के गांव वाले बताते हैं कि यह ब्रिज लगभग तीन-चार महीने से ही चालू हुआ है। और इस ब्रिज के ऊपर की यह पोजीशन है की उखड़ कर इसके तार बाहर आ चुके हैं । जो कहीं ना कहीं बड़े हादसे का संकेत हैं। और ठेकेदार की मनमानी और भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। जब अवंतिका की टीम कालीसिंध ब्रिज पर कवरेज कर रही थी। तब आसपास के गांव वालों से पूछा गया तो।

कई लोगों ने तो बातचीत करने से ही इंकार कर दिया। पता नहीं इसका क्या कारण था। ठेकेदार का खौफ या ठेकेदार की भ्रष्टाचार के दलाली भरी यारी दोस्ती। इस ब्रिज के आगर की तरफ ना तो सर्विस रोड बना हुआ है। और गुना खेड़ी रोड से आने वाला रोड इसी हाईवे पर वही मिलता है। जहां यह ब्रिज खत्म होता है। उस जगह की अगर स्थिति देखा जाए तो खतरों से खाली नहीं है। क्योंकि वह एक चौराहे हैं जहां पर किसी भी प्रकार का कोई भी संकेत नहीं है। कि वाहन को किधर से आना और किधर से जाना है। वहां पर लोग अपनी मनमानी तरीके से आना-जाना करते हैं । जो यातायात नियमों के खिलाफ हैं ।और इसी कारण वहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसका जवाब दार कौन होगा। वास्तविक अगर देखा जाए तो। ठेकेदार की मनमानी से इस ब्रिज की वह हालत हो गई है। कि मानो अभी शादी हुई ही नहीं है, और तलाक की तैयारी हो गई हो।। क्योंकि ब्रिज पूरी तरह से बना ही नहीं और एक बार गिर गया। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। और अभी चालू हुए 4 महीने नहीं हुआ और ब्रिज के ऊपर उखड़ कर तार बाहर निकल गए है। आखिर इसे क्या माने आसपास के ग्रामीण जनों की नाराजगी भी है। पर उनकी कौन सुने। इसी भ्रष्टाचार को अवंतिका एक्सप्रेस न्यूज़ की टीम उजागर करते हुए , यह खास खबर जनता और सरकार के सामने रख रही हैं। अब जनता को यह देखना है की इससे संबंधित अधिकारी कब इसकी सुनवाई करें, और कब इसको ठीक करें।

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