Uttar Pradesh News कृषि कालेज कैसे होगा शुरू, ना मिला बजट और नाहीं भूमि का अधिग्रहण

रिपोर्टर अजीत अग्निहोत्री हरदोई उत्तर प्रदेश
हरदोई जनपद के बिलग्राम चुंगी स्थित राजकीय कृषि विद्यालय के संचालन की उम्मीद इस शैक्षिक सत्र में भी नजर नहीं आ पा रही है | कृषि महाविद्यालय संचालन के लिए अभी तक न तो बजट मिला है और ना ही चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर ने विद्यार्थियों के प्रयोग हेतु कृषि योग्य भूमि अधिग्रहित ही की है | कृषि शोध संस्थान की 6.05 हेक्टेयर भूमि पर वर्ष 2020 में राजकीय कृषि महाविद्यालय के भवन का निर्माण हुआ था | और इसके संचालन के लिए 5 किलोमीटर के दायरे में 30 हेक्टेयर भूमि विद्यार्थियों के प्रयोग के लिए आवश्यकता के लिए थी, लेकिन आसपास भूमि नहीं मिल पाने के कारण इससे महाविद्यालय को मान्यता नहीं मिल पाई | पिछले दिनों जिला प्रशासन के प्रयास से शासन ने कुछ रियायत दी | जिला प्रशासन व कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से सवायजपुर स्थित कृषि फार्म की भूमि विश्वविद्यालय के नाम कर दी | तब जाकर इस महाविद्यालय को मान्यता मिल पाई | पहले वर्ष 60 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई, जो अंतिम चरण में है | महाविद्यालय मे प्रोफेसर व स्टाफ की तैनाती को लेकर प्रक्रिया जारी है | उप निदेशक कृषि नंदकिशोर ने बताया कि महाविद्यालय के संचालन के लिए भले ही अनुमति मिल गई हो, लेकिन शासन से अभी तक बजट नहीं मिला है | विश्वविद्यालय ने सवायजपुर की कृषि फार्म की भूमि भी अधिग्रहित नहीं की है | सदर तहसील क्षेत्र में राजकीय कृषि महाविद्यालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन विद्यार्थियों के प्रयोग के लिए भूमि शहर मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर सवायजपुर में मिली है, इससे विद्यार्थियों को हरदोई से सवायजपुर का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा |
खाली ही ना पड़ी रह जाए भूमि ?
सवायजपुर में कृषि फार्म की भूमि पर हर वर्ष लाखों रुपए की उपज होती है, लेकिन इस बार विश्वविद्यालय के नाम से हस्तांतरित करने के बाद यह भूमि खाली पड़ी है | और इस भूमि पर अभी तक न तो कृषि विभाग का ही कोई ध्यान है और नहीं विश्वविद्यालय का |

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