Rajasthan News जयपुर ग्राम भैंसलाना में एक रूपया व नारियल के साथ बेटियों का विवाह सम्पन्न
दहेज कुप्रथा धीरे-धीरे तोड़ रही दम

रिपोर्टर आशीष मित्तल कोटपुतली जयपुर राजस्थान
एक ओर जहाँ दहेज जैसी कुप्रथा के नाम पर आये दिन क्षेत्र व समाज में बेटियों व उनके परिवारों के मानसिक एवं सामाजिक उत्पीडऩ के समाचार सामने आते रहते है। वहीं समाज में हो रही सकारात्मक पहल से दहेज जैसी कुप्रथा धीरे-धीरे दम तोड़ रही है। विवाह समारोह में वर व वधु पक्ष की पहल से ही अभिशाप बन चुकी दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।

इसमें वर पक्ष का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसी ही पहल निकटवर्ती ग्राम भैंसलाना के नयागांव में देखने को मिली। निकटवर्ती सीकर जिले के बुदोली निवासी विक्रम सिंह तंवर अपने पुत्र विजय सिंह व अजय सिंह की बारात लेकर ग्राम भैंसलाना में राजपाल सिंह शेखावत के यहांँ पहुँचे। जहाँ उनके दोनों पुत्रों का विवाह क्रमश: नेहा व हेमलता कंवर के साथ सम्पन्न हुआ।

विदाई के वक्त जहाँ वधु पक्ष की ओर से 51-51 हजार रूपयों की राशि से वर की विदाई की पेशकश की गई तो उनके पिता विक्रम सिंह ने इससे इंकार करते हुए महज एक रूपया व नारियल ही विदाई में स्वीकार किया। साथ ही विदाई के समय भी एक रूपया ही समधी की विदाई में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि दहेज एक कुप्रथा है, जिसे समाज से मिटा देना चाहिये। आज के समय में बेटियों से बड़ा कोई भी धन नहीं है। विक्रम सिंह की पहल पर ग्रामीणों ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया व बधाई दी। राजपूत युवा शक्ति के जिला उपाध्यक्ष धर्म सिंह शेखावत ने बताया कि धीरे-धीरे सभी समाजों की सोच में परिवर्तन आ रहा है। हम सभी को आगे बढकऱ ऐसी पहल करनी चाहिये।

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