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Madhya Pradesh News जमुना कोतमा क्षेत्र मुख्य महाप्रबंधक से भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पुश्तैनी निवासी किसानों ने की है मांग ,

 हमारे सभी ग्रामवासी पूर्वजों व हमारे द्वारा कंपनी को कोयला उत्खनन कार्य में दी गई सभी , अब खाली अनुपयोगी भूमियों को दिया जाए हम सभी किसानों को ही वापस ?

रिपोर्टर सूर्यकान्त मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश

अनूपपुर  जिला के 500 वर्षों से पहले के लगातार रहने वाले मूलनिवासी पुश्तैनी ग्रामवासी गांव पसान , मुडधोबा , जमुना बस्ती , ठिहाई टोला , बिछिया डाड , कुसलावहरा वार्ड क्रमांक 8 , तथा वार्ड क्रमांक 1 के गांव वासी किसानों ने श्रीमान कलेक्टर महोदय अनूपपुर , मुख्य महाप्रबंधक महोदय जमुना कोतमा क्षेत्र से आवेदन पत्र के माध्यम से यह मांग किए हैं की हम लोगों की अधिकतर भूमि कॉलरी द्वारा कोयला उत्खनन कार्य के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी से तथा हम किसानों से अधिग्रहित कर ली गई है । इन कॉलरी द्वारा सभी अधिग्रहित भूमियों पर हमारे पीढ़ी दर पीढ़ी के पूर्वजों के द्वारा खेती किसानी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे । कॉल री , कंपनी , के भूमि अधिग्रहण के पश्चात इन्हीं जमीनों पर कॉलरी कंपनी का अंडर ग्राउंड , ओपन माइन , खदानों का लगातार संचालन किया गया है । हमारे पूर्वजों के बाद हम लोगों से भी कॉलरी प्रबंधन ने भूमि अधिग्रहण किया है । कॉलरी कंपनी के इन हमारी जमीनों पर लगातार कोयला उत्खनन कार्य से प्रभावित होकर इन सभी जमीनों पर हमारे खेती-बाड़ी व उपयोग कायॆ बाधित हो गए हैं। कॉलरी कंपनी के द्वारा बरसों बरसों से इन हमारी भूमियों पर उत्खनन , कोयला उत्पादन ,कार्य करके सरकार को लाभ पहुंचाया गया है । परंतु हम पुश्तैनी रहवासी पीड़ित किसानों की अधिकतर भूमि कंपनी के अधीन चले जाने से इन जमीनों पर खेती-बाड़ी ना होने से अत्यधिक आर्थिक स्थिति बिगड़ने से गरीब होते चले जा रहे हैं । अब क्षेत्र के कालरी या तो बंद हो गए हैं या फिर बंद होने के कगार में हैं । जिससे हमारी सभी अधिग्रहित भूमि कॉलरी द्वारा खाली व अनुपयोगी हो रही है । कॉलरी द्वारा इन खाली अनुपयोगी हम लोगों के व पूर्वजों के द्वारा कंपनी को अधिग्रहण मैं दी गई समस्त भूमियों पर वापस पाने का हमारा ही अधिकार बनता है । यदि यह सभी भूमि हम ग्राम वासियों को वापस नहीं दी जाती तो हम सभी मूलनिवासी रहवासी किसान इन भूमियों पर खेती-बाड़ी अपना निस्तार उपयोग नहीं कर पाएंगे जिससे हमारा यह सभी उपरोक्त टोला गांव क्षेत्र से हम लोगों का तथा आने वाले संतानों का पलायन होना निश्चित है । अब सवाल यह उठता है कि पुस्त दर पुस्त से भूमि अधिग्रहण से प्रभावित उपरोक्त सभी गांव वासियों किसानों के द्वारा कॉलरी प्रशासन को कोयला उत्खनन प्रयोजन कार्य के लिए लगातार दी गई भूमियों को कॉलरी प्रबंधन इन सभी मूलनिवासी किसानों को कब वापस प्रदान करेगी ?

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