Chhattisgarh News जिले के अकलतरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम नरियारा के स्कूलों में अव्यवस्था आलम विद्यमान

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
जांजगी जिले के अकलतरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम नरियारा के स्कूलों में अव्यवस्था आलम विद्यमान है तथा सुविधा विहीन है तथा मध्यान भोजन की जानकारी ली गई तो यह पता चला कि मध्यान भोजन का निर्माण पकाने का कार्य लकड़ी के चूल्हे से भोजन बनाकर बच्चों को दिया जाता है जबकि राज्य शासन द्वारा गैस की सुविधा से लैस कर साला संचालन का आदेश जारी हुआ है मगर मध्यान भोजन का निर्माण लकड़ी के चूल्हे जलाकर धुवां युक्त भोजन परोसी जाती है बच्चों को जिससे धुआं धुआं लगता है भोजन ओं का स्वाद तथा भोजन भी सरकारी मैन्युअल के अनुसार में नहीं दिया जाता है दाल चावल सब्जी दे दी जाती है मगर वह स्वाद अनुसार नहीं रहता है जिससे बच्चे खा नहीं पाते हैं। बच्चों से यह पूछा गया कि खाने में क्या-क्या दी जाती है तो बच्चों ने जवाब दिया दाल चावल सब्जी दी जाती है एवं अचार पापड़ सलाद नहीं दी जाती यह जानकारी प्राप्त हुई बच्चों से एवं बच्चों को भोजन पका कर दी जाती है महिला स्व सहायता समूह द्वारा जबकि महिला स्व सहायता समूह को रीपा एक उपक्रम के अंतर्गत में महिला समूह के अंतर्गत आता है जो कि प्रत्येक महिला स्व सहायता समूह को अनुदान राशि दी जाती है जो महिला स्व सहायता समूह बच्चों का भोजन निर्माण कार्य किया जाता है उन्होंने कहा कि हमारा जो भी कार्य है वह मध्यान भोजन के अंतर्गत संचालित कार्य है यह कार्य रिपा के अंतर्गत नहीं आता है यह कहा महिला स्व सहायता समूह के द्वारा। एवं प्रत्येक प्राथमिक शाला पूर्व माध्यमिक शाला एवं उच्चतर माध्यमिक शाला में पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों की आभाव है। यह की स्कूलों में संचालित शौचालय भी गंदगी का माहौल है साफ-सफाई नाम की कार्यवाही नहीं की जाती है सफाई कर्मी केवल स्कूल की झाड़ू लगाकर अपने घर चली जाती है शौचालय की साफ सफाई नहीं करती सफाई के नाम पर ठेंगा है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भृत्य का आवश्यकता रहता है मगर रिक्त पद रिक्त है रितिका की वजह से बच्चों से काम करवाई जाती है यह कार्य पूर्व माध्यमिक शाला में हो रहा है। स्कूल परिसर बरसात के दिनों में कीचड़ जैसे माहौल से सरोवर रहती है किचड़ का सामना कर बच्चे स्कूल के अंदर प्रवेश करते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है मगर आंगनबाड़ी की भी सफाई व्यवस्था अव्यवस्थित है यहां पर भी बच्चों को जो भोजन दिया जाता है वह भी चूल्हे में पका कर दिया जाता है जबकि कार्यालय कलेक्टर जांजगीर चांपा के आदेशानुसार प्रत्येक स्कूलों में मध्यान भोजन एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को गैस से खाना बना कर देने का आदेश है। कई स्कूलों में गैस सिलेंडर है मगर गैस सिलेंडर की उपयोग नहीं की जा रही है प्रधान पाठक का कहना यह है कि राज्य शासन द्वारा मध्यान भोजन बनाने के लिए जो गैस चूल्हा हमें दिया है उसका राशि रिफलिंग का शासन द्वारा नहीं दिया जाता है इसलिए लकड़ी खरीद कर भोजन पकाई जाती है। mरही सवाल स्कूल जाने आने वाली जो मार्ग है वह बरसात के दिनों में गंदगी जैसे माहौल रहती है ग्राम पंचायत नरियारा की विभिन्न गलियां जिससे राहगीर को परेशानी होता है यह एक विडंबना है आगामी भविष्य में नरियारा नगर पंचायत होने वाली है ग्राम पंचायत की कार्य प्रणाली गलियों का किचडका साम्राज्य बना हुआ है। mनरियारा के स्कूलों की रंग रोहन का कार्य शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले होने को रहता है मगर रंग रोहन पुताई वगैरह का कार्य नहीं हुआ है।
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