Madhya Pradesh News घर समस्या टी.बी.सी.एल. की मेहरबानी से बच्चों का भविष्य समस्या टी.बी.सी.एल. की मेहरबानी से बच्चों का भविष्य

रिपोर्टर कंचन साहू उमरिया मध्य प्रदेश
उमरिया जिले के केकली जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत उचेहरा के ग्राम अधियार के ग्रामीण और छात्र अपने भविष्य को लेकर हैं। स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाता है, ऐसा नहीं है कि छात्रों को पढ़ने की ललक नहीं है। छात्र पढ़ना चाहते हैं लेकिन अन्यत्र से निर्धारित रास्ते पर जाने में छात्रों को रोना आ जाता है। पीनट के ऊपर से अंतिम भरा रास्ता होने से पेंसिल्वेनिया से मासूम छात्र विद्यालय जाने को मजबूर है। दुर्भाग्य से ही कहा जा सकता है कि जब-जब वेवसाइट्स को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार विश्विद्यालयों से तुलना कर रही है। ऐसे में जिला मुख्यालय उकेली से ग्राम सिंह पिता के छोटे से गांव अधियार के मासूम छात्र मिट्टी और परिवार से सामान्य स्थिति में शिक्षा अध्ययन करने के लिए विद्यालय जा रहे हैं। रीटेल की मानें तो एचएन 43 मार्ग के लक्ष्य 8 साल से निर्मित कर रही टी.बी.सी.एल. कंपनी ने गांव के क्यूई स्थानों से मिट्टी-मुरूम का अवैध चित्रण किया है। जिसके बाद इसी मार्ग से बड़े पैमाने पर सोसाइटी की मदद से परिवहन किया गया और परिणामस्वरूप पूरी सड़क और सोसाइटी में सोसाइटी हो गई। जिसके बाद इस मार्ग के हालात खराब से बदतर हैं। रीयल्टी की माने तो हाली स्थित ग्राम बरही के निकटतम मौजूदा टी.बी.सी.एल. प्लांट से शेयर बाजार कंपनी के जिम्मेदारों से रीयल्टी रोड को इस मार्ग से वाहनों को दूर करने का एक और लेख, जिसका उद्देश्य ग्रामीण सांख्यिकी है। नवीनीकृत की मांग है कि टीबीसीएल कंपनी पर कार्रवाई करते हुए गांव के मुख्य खंडहर मार्ग को अविलंब स्थापित किया जाए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे !


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