Uttar Pradesh News मेरे कलम से आज मध्य प्रदेश के छतरपुर के गढ़ा ग्राम में पहुंचे। वहा पर हनुमान जी का मन्दिर बहुत ही पुराना है

✍️रिपोर्टर निखिलेश कुमार मिश्रा वाराणसी उत्तर प्रदेश
वाराणसी वहा के लोगों से मुझे जानकारी मिली धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के बारे में वहा के लोग सब हनुमान जी का रुप मानते हैं हमें वहा से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुवा जुलाई 1996 को एक बालक का जन्म होता है जो आज विश्वभर के युवाओं के लिए एक गजब की प्रेरणा एक जोरदार ऊर्जा श्रोत बन गया है। 26 वर्ष का ये युवा सभी युवाओं को जगा जगाकर हिंदू राष्ट्र भारत के सपने के नए पंख लगा रहा है। बोलने में ऐसी बेबाकी को जो सुन ले वो इनका भक्त बन जाए और इनकी प्यारी सी हंसी के साथ मस्ती तो लोगों को पागल कर देती है।
जी हां हम बात कर रहें हैं बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की
इनके समर्थक खूब हैं जो इन्हें दिल जान से चाहते हैं, जिन्हें ये खुद प्यार से “मेरे पागलों” ऐसा कहकर संबोधित करते हैं। लेकिन इनके विरोधी भी कम नहीं हैं। धर्म द्रोहियों से लेकर राजनीतिक विरोधी भी हैं जो इन्हें रोकने के प्रयास तो करते हैं लेकिन बालाजी की कृपा से वो सफल हो नहीं पाते। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज धीरेन्द्र शास्त्री अपने चमत्कारों के लिए देश ही नहीं विदेशों में भी काफी प्रचलित हैं। इनके पर्चे निकालने से कइयों के काम बन जाते हैं तो कईयों के भयानक जलन मचती है। आइए थोड़ा विस्तार से जानें शास्त्री जी को बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री जी का जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ागंज गाँव में हुआ था। इसी स्थान पर प्राचीन मंदिर जोकि हनुमान जी को समर्पित है बागेश्वर धाम स्थित है। गढ़ा गाँव धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का पैतृक गाँव है। इनके दादाजी पंडित भगवान दास गर्ग (सेतु लाल) ने चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े से दीक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद ही धीरेन्द्र शास्त्री जी के दादाजी ने बागेश्वर धाम जो की वर्तमान समय में काफी प्रचलित है, इसका जीर्णोद्धार करवाया था। दादाजी पंडित भगवान दास गर्ग इसी धाम में दरबार लगाया करते थे। धीरेन्द्र शास्त्री जी के पिता रामकृपाल गर्ग कोई कार्य नहीं करते थे वह नशे के आदि थे। परिवार में इनकी माताजी सरोज गर्ग एक ग्रहणी है। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के एक छोटे भाई शालिग्राम गर्ग हैं जो कि स्वयं भी बागेश्वर धाम को समर्पित हैं। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गढ़ा गाँव के ही किसी सरकारी स्कूल से पूरी की थी। मात्र 12 वर्ष की आयु में ही बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रवचन देना शुरू किया था। कहा जाता है कि बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री जी पर बालाजी हनुमान की असीम कृपा है किस कारण उन्हें कई सिद्धियां प्राप्त हुई हैं।
छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के परिवार में कुल 5 सदस्य हैं। धीरेन्द्र शास्त्री जी के पिता श्री राम करपाल गर्ग और माता सरोज गर्ग है। इनके दादाजी श्री भगवान दास गर्ग हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक छोटे भाई शालिग्राम गर्ग और एक बहन रीता गर्ग है। और अभी शास्त्री जी का विवाह नहीं हुआ है। बालाजी बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपनी 10 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई अपने ही गाँव गढ़ा, छतरपुर (मध्य प्रदेश) के सरकारी स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद इन्होने B.A में स्नातक किया। धीरेन्द्र शास्त्री जी ने अपने दादाजी भगवान दास गर्ग से रामकथा सीखी थी वह अपने दादाजी को ही अपना गुरु भी मानते हैं देश में बागेश्वर धाम सरकार को मानने वाले बड़ी संख्या में मौजूद हैं। लोग बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेन्द्र कृष्ण को हनुमान जी का अवतार मानते हैं। आपको बता दें की बागेश्वर धाम में हनुमान जी का मंदिर वर्षों पुराना है। इस मंदिर में धीरेन्द्र शास्त्री जी की पिछली 3-4 पीढ़ियां पुजारी का काम कर चुकी हैं। इनके दादाजी भगवान दास गर्ग ने हनुमान मंदिर (बागेश्वर धाम) का पुनर्निर्माण करवाया था।
साल 2003 से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी इस दिव्य दरबार की देखरेख कर रहे हैं। मात्र 9 वर्ष की आयु में इन्होने हनुमान जी की पूजा शुरू कर दी थी तब से ही इनपर बाला जी का आशीर्वाद बना हुआ है। करीबन 300 साल पहले मानव कल्याण और जनसेवा के लिए सन्यासी बाबा द्वारा बागेश्वर धाम को शुरू किया गया था। धीरेन्द्र शास्त्री जी द्वारा इस परम्परा को आगे बढ़ाया गया। अपने गुरु समान दादाजी भगवान दास गर्ग के बाद इन्होने ही बागेश्वर धाम का कार्यभार संभाला। बागेश्वर बालाजी से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके धीरेन्द्र शास्त्री पर बालाजी महाराज हनुमान जी की कृपा है। इनकी शरण में जो भी व्यक्ति आता है उसकी समस्या का समाधान बालाजी के परम भक्त बागेश्वर धाम सरकार द्वारा कर लिए जाता है। इस धाम में हर मंगलवार और शनिवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ती है इनकी बागेश्वर धाम की वेबसाइट bageshwardham.co.in भी है जिसपर जाकर आप Bageshwar Dham Dhirendra Krishn Shastri जी के बारे में और अधिक जानकारी ले सकते हैं। साल 2022 में धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। संत शिरोमणि
वर्ल्ड बुक ऑफ़ लन्दन
वर्ल्ड बुक ऑफ़ यूरोप


Subscribe to my channel