Jharkhand News धनबाद में कोयले के अंधाधुंध उत्खनन से बढ़ा प्रदूषण, आउटसोर्सिंग कंपनियां नहीं कर रहीं नियमों का पालन

रिपोर्टर मिथिलेश पांडेय धनबाद झारखंड
धनबाद : कोयले का अंधाधुंध उत्खनन होने से धनबाद में प्रदूषण का अस्तर दिनपर दिन बढ़ता जा रहा है. इससे कोयलांचल में पर्यावरण को गंभीर खतरा है. बीसीसीसीएल और उसके अधीन कार्य कर रहीं आउटसोर्सिंग कंपनियां इसके लिए ज्यादा जिम्मेदार हैं. देश में ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए कोयला जरूरी है, लेकिन कोयला उत्खनन के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाले सभी मापदंडों का पालन भी उतना ही जरूरी है. पर लक्ष्य हासिल करने के लिए बीसीसीएल व अपनी कमाई बढ़ाने के लिए आउटसोर्स कंपनियां नियमों को ताक पर रख उत्खनन कर रही हैं. यह स्थिति पर्यावरण के लिए खतरनाक है. कोयलांचल का पर्यावरण प्रदूषित होने के चलते यहां के लोग सांस व फेफड़ा समेत कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. लेकिन पर्यावरण को बचाने की फिक्र न तो सरकार को है , न ही जिला प्रसासन को.
ग्रामीण एकता मंच के अध्यक्ष पुटकी निवासी रणजीत सिंह उर्फ बबलू सिंह ने पेड़ों को बचाकर कोयलांचल वासियों को स्वछ पर्यावरण देने की ठानी है. इसके तहत वे संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं.


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