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नैनीताल उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दी जायडस वेलनेस को राहत, रिकवरी पर लगाई रोक

रिपोर्टर कपिल सक्सैना नैनीताल उत्तराखंड

सिडकुल स्थित जायडस वेलनेस कंपनी बंद होने से कई कर्मचारियों के आगे रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है. कंपनी बंद होने से कई कर्मचारी बेरोजगार हो गई हैं, जिससे उन्हें घर चलाने की चिंता सताने लगी है. वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में अहम आदेश दिया है, जिससे कंपनी प्रबंधन को राहत मिली है.

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सितारगंज स्थित जायडस वेलनेस प्रा. लि. कंपनी को राहत देते हुए सरकार के 30 नवम्बर 2022 के आदेश पर रोक लगा दी है. साथ ही कंपनी से किसी प्रकार की रिकवरी नहीं करने को कहा है. कोर्ट ने सरकार व कर्मचारी यूनियन से 30 मार्च तक जवाब पेश करने को भी कहा है.

कंपनी की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की कोर्ट में सुनवाई हुई. कंपनी की ओर से अदालत को बताया गया कि घाटे के चलते कंपनी ने 18 जून 2022 को तालाबंदी की घोषणा कर दी गयी थी. कर्मचारी यूनियन की ओर से इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था. कोर्ट ने इस मामले को सरकार के पास भेज दिया. लेबर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने 30 नवम्बर, 2022 को आदेश पारित कर कंपनी में तालाबंदी को अवैधानिक घोषित कर दिया. कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में बीते दिन याचिका दायर की.

बता दें कि सिडकुल स्थित जायडस वेलनेस कंपनी के प्लांट को प्रबंधन ने 18 जून से बंद कर दिया था. प्रबंधन ने कंपनी बंद करने का कारण कच्चे माल की कीमतों में इजाफा और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की वजह से हो रहे आर्थिक नुकसान को बताया था. वहीं कंपनी के बंद होने से कई स्थायी और अस्थायी कर्मचारी का रोजगार बंद हो गया. जिससे उनके सामने आर्थिकी की समस्या पैदा हो गई है. जबकि कंपनी के कर्मचारी बंदी को अवैध करार देते हुए लगातार आंदोलन कर रहे हैं. कर्मचारियों ने बंदी को गलत बताते हुए पूर्व में श्रम विभाग उसके बाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.

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