
रिपोर्टर बिरेंद्रनाथ सोरेन सरायकेला खरसावां झारखंड
जानकारी के अनुसार मादा हाथी झुंड से बिछड़ने के बाद अकेले उसी क्षेत्र में लंबे समय से रह रही थी। पिछले दो माह से वृद्ध हथनी बीमार चल रही थी और खाना-पीना छोड़ दी थी। वन विभाग ने बीमार हथनी के पीछे एक टीम को निगरानी के लिए रखा था। खाना-पीना छोड़ देने के बाद वन कर्मियों ने खाना और पाईप लगाकर उसके पास तक पीने के लिए पानी पहुंचाया गया था। इस संबंध में फॉरेस्टर राधारमण ठाकुर ने बताया कि मृत मादा हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही हथनी का बिसरा फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि मादा हाथी की मृत्यु की सही कारणों की जानकारी मिल सके।




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