
रिपोर्टर विनेश कुमार मनहर जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
प्रदेश पंचायत सचिव संगठन छ.ग. के आह्वान पर 146 ब्लाक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद कर 16 मार्च 2023 से हड़ताल पर चले जाने से 29 विभाग के 200 प्रकार के कार्य पूर्ण रूप से ठप पड़ गया है। शासन के जनकल्याणकारी योजना पर बुरा असर पड़ रहा है, गौठान में अब केंचुआ मर रहा है तो वन्ही वर्मी खाद की बिक्री प्रभावित हो गया है लगता है चुनावी वर्ष में लंबे समय तक हड़ताल और जारी रहेगा तो इसका असर बुरा पड़ सकता है पंचायत सचिवों के हड़ताल से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जन्म – मृत्यु प्रमाण पत्र नही बनने से विद्यालय में प्रवेश और किसान वर्ग को नामांतरण फौत, सेवा सहकारी समिति में नाम संसोधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य नही हो पाने से सरकार के प्रति रोष अब बढ़ रहा है, आख़िर वादा किया है तो इनका मांग जल्द पूरा कर दे ताकि सचिव हड़ताल से वापस आकर पुनः काम करे। आधुनिक भारत में 24 अप्रैल 1993 को पंचायत राज लागू हुआ एवं 73 वें संविधान संशोधन आधुनिक भारत का मिल का पत्थर साबित हुआ है। समग्र हेतु त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यस्था लागू भारत का मिल का पत्थर साबित हुआ है। समग्र विकास हेतु त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यस्था लागू की गई। जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत की व्यस्था लागू की गई है। जिला पंचायत जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम पंचायत में सचिव को विकास की बागडोर सौपी गयी है, इस व्यस्था के आधार पर देश एवम राज्यो की तस्वीर बदली है। अंतिम छोर तक विकास को पहुँचाने का काम पंचायत का सचिव कर रहा है, 24 घंटे ड्यूटी में शामिल होकर योजनाओ को सफल बनाने में पंचायत सचिव की भूमिका अग्रणी रहा है।
छ.ग. प्रदेश में 32 जिला पंचायत 146 जनपद पंचायत एवं 11546 ग्राम पंचायतों में निवासरत ग्रामीण परिवार तेजी से विकास के क्रितिमान गढ़ रहा है इसके लिए सरकार के साथ मिलकर पंचायत सचिवों ने कड़ी मेहनत की है किंतु प्रदेश की सरकार द्वारा विकास के लिए संकल्पित अंतिम प्रशासनिक इकाई पंचायत का सचिव के साथ हमेशा शोषण किया एवम जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपाल अधिकारी को प्रशासनिक पद घोषित कर सम्पूर्ण सुविधा एवम अधिकार दिया गया है परन्तु ग्राम पंचायत में कार्यरत पंचायत सचिव को 28 वर्ष के पूर्ण होने के बाद भी आज तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा बार-बार ठगे जाने से नाराज होकर 11546 ग्राम पंचायतों में ताला बंद कर पंचायत सचिव हड़ताल पर है हड़ताल को आज 41 दिन पूर्ण हो गया है किंतु शासन-प्रशासन से अभी तक किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं किया गया है पंचायत सचिवों ने आज पंचायत राज दिवस से ब्लॉक मुख्यालय में क्रमिक भूख हड़ताल प्रारंभ कर दिया है समय की विडंबना देखिए 28 वर्षों से जवाबदारी का बोझ अपने कंधों पर उठाए पंचायत सचिव को अपने हक के लिए भूखे रहकर हड़ताल करना पड़ रहा है, घर को धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़तालहक के लिए भूखे रहकर हड़ताल करना पड़ रहा है सोमवार को धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल में पंचायत सचिव संघ पामगढ़ के नरेश कुमार यादव दुलीचंद साहू और कमलेश अग्रवाल बैठे।आज द्वितीय दिवस रमेश पटेल अशोक कुमार साहू और देवीप्रसाद कौशिश बैठे। इस प्रकार निरंतर क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगा, संगठन के हर निर्देश पर पंचायत का सचिव आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है। पंचायत सचिव संगठन के ब्लाक इकाई पामगढ़ के अध्यक्ष सकून कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव गजानंद साहू लकेश यादव सुमित सिंह मोहन साहू घासीराम दिवाकर राजकुमार कैवर्त संतराम कैवर्त देवेंद्र कौशिक सहित ब्लॉक के सभी साथी क्रमशः भूख हड़ताल पर बैठेंगे।




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