
रिपोर्टर विवेक तिवारी वैशाली बिहार
पटना : राज्य सरकार द्वारा जातीय गणना के दौरान निषादों को 15 जातियों में बांटकर गणना करने का मुद्दा गर्माने लगा है। राज्य सरकार द्वारा बिहार में निषादों की जनसंख्या/आबादी से डरकर जातीय गणना में निषादों को 15 जातियों में बांटकर कर अलग-अलग कोड निर्धारित किया गया है। सरकार द्वारा बांटी गई, सभी 15 जातियाँ निषादों की है। इनका पेशा मछली पकड़ना व बेचना है। ये बातें राष्ट्रीय एवं बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप एवं अध्यक्ष प्रयाग सहनी ने संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होने सरकार को चेतावनी दी की अगर सरकार निषादों की सभी जातियों को एक कोड के अंतर्गत गणना नहीं कराती है तो निषाद आंदोलन करने को बाध्य होंगे। 15 जातियाँ बिहार में प्रखण्ड स्तर पर गठित मछुआ सहयोग समिति एवं बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के सदस्य है। ज्ञात हो की संघ द्वारा इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था कि इथनोग्राफिक रिर्पोट के आधार पर सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा आरक्षण हेतु परिचालित अत्य


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