ब्रेकिंग न्यूज़

Uttar Pradesh News : कलेक्ट्रेट ‘कर्मचारियों’ की ‘डर्टी-पार्टी’ के ‘गुनहगार’ बन गए ‘होमगार्ड’

रिपोर्टर मनीष फतेहपुर, उत्तर प्रदेश

केबल चोरी में दोषी मान रात ड्यूटी में तैनात 07 होमगार्डों का एक दिन का वेतन कटा! कर्मचारियों द्वारा रात में की जाने वाली शराब,मुर्गा पार्टी का होमगार्डों ने किया था विरोध! उस चोरी के हो गए दोषी जिसकी पुलिस को खबर ही नहीं! रात के अंधेरे में पार्टी में हिस्सा लेते हैं और भी कर्मचारी! बडा सवाल कलेक्ट्रेट की सुरक्षा में लगे कर्मचारी दोष मुक्त कैसे! होमगार्डों द्वारा की गई शिकायत से खफा कर्मचारियों ने रचा षड़यंत्र! कलेक्ट्रेट जैसी संवेदनशील जगह पर कर्मचारियों को मनमानी करने की कौन दे रहा सह! गजब की है जिले की प्रशासनिक व्यवस्था।जिस कलेक्ट्रेट की देखभाल के लिए रात में कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी के दौरान उनकी शराब मुर्गे की डर्टी पार्टी की शिकायत पर चोरी का आरोप लगा सुरक्षा में लगे 07 होमगार्डों का एक दिन का वेतन काट दिया गया लेकिन कर्मचारियों से किसी ने कोई सवाल नहीं किया। आए दिन होने वाली शराब,मुर्गे की पार्टी के हिस्सेदार बनने वाले कर्मचारियों ने होमगार्डों पर रौब गांठ साफ शब्दों में कहा कि उनकी हिम्मत कैसे पड़ गई कर्मचारियों की शिकायत करने की। यह कैसा न्याय है कि जिस चोरी की सूचना पुलिस को नहीं दी गई,मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया उस चोरी के आरोप में ड्यूटी में लगे होमगार्ड गुनाहगार हो गए।


कलेक्ट्रेट में रात ड्यूटी में रहने वाले कर्मचारियों के द्वारा शराब,अंडा,मुर्गा और बकरा की उड़ाई जाने वाली दावतों का ड्यूटी में लगे होमगार्डों ने विरोध किया तो कर्मचारियों का एक तबका उन पर हावी हो गया। उन पर सवाल खड़े हो गए कि वह अपनी ड्यूटी कितनी करते हैं!उनकी हिम्मत कैसे पड़ गई यह शिकायत करने की यहां पर शराब,मुर्गे की पार्टी होती है? खबर है कि डर्टी पार्टी में हिस्सा लेने के लिए रात के अंधेरे में कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारी भी पहुंचते हैं। अपनी जवाबदेही मान जब ड्यूटी में तैनात होमगार्डों ने इसका विरोध किया तो उनके मास्टर रोल पर हस्ताक्षर करने से यह कह कर रोक लगा दी गई कि अधिकारी ने मना किया है।यह बताया ही नहीं गया कि रोक लगाने वाला अधिकारी कौन है? हद तो तब हो गई जब होमगार्डों के ऊपर सौर ऊर्जा की कलेक्ट्रेट भवन की छत के ऊपर से चोरी हुई केबल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया और रात ड्यूटी में तैनात 07 होमगार्डों श्याम आसरे,माहेश्वरी,भोला,राजकुमार,मेवालाल,अशोक कुमार,आशाराम का 23 जून का वेतन काट दिया गया। हास्यास्पद है कि कलेक्ट्रेट की चोरी का न तो मुकदमा दर्ज कराया गया और न ही पुलिस को सूचना दी गई।उच्चधिकारियों को पूरे घटनाक्रम के संज्ञान में होने के बावजूद यह एक तरफा कार्रवाई बता रही है कि किस तरीके से अधिकारियों को अंधेरे में रखकर कर्मचारी अपनी मनमानी करते आ रहे हैं। यह सवाल केवल कर्मचारियों की मनमानी,उदासीनता का नहीं है बल्कि उस परिसर की सुरक्षा का है जहां जिले का सबसे बड़ा अधिकारी बैठता है।यहां हुई चोरी पर पर्दा डालना भी कई सवाल खड़े कर रहा है?

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button